कानपुर में रेलवे ट्रैक के पास मिला सिलेंडर:खुफिया एजेंसी जांच करने पहुंची, झाड़ियों में बोरी के अंदर था; 112 दिन पहले भी हो चुकी है साजिश

कानपुर में बुधवार को बर्राजपुर रेलवे स्टेशन के पास गैस सिलेंडर मिला है। जो किनारे झाड़ियों में पड़ा था। सूचना पर खुफिया एजेंसी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। यहां बोरी के अंदर खाली सिलेंडर था। जांच में सिलेंडर खाली पाया गया। जो 5 किलो का था। फिलहाल, उसको कब्जे में ले लिया गया है। जीआरपी एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि किसी शरारती ने सिलेंडर को रेलवे लाइन के पास डाल दिया है, जिससे पुलिस प्रशासन हैरान परेशान हो। इसकी जांच चल रही है, दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।आसपास के CCTV खंगाले जा रहे हैं। वहीं, 112 दिन पहले भी कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन को पलटाने की साजिश हो चुकी है। 8 सितंबर को सिलेंडर से टकराई थी ट्रेन
8 सितंबर, रविवार की रात कानपुर में अनवर-कासगंज रूट पर कालिंदी एक्सप्रेस से सिलेंडर टकराया। ATS की जांच में ट्रैक पर सिर्फ सिलेंडर, पेट्रोल बम ही नहीं मिला, बर्राजपुर स्टेशन की तरफ करीब 20 मीटर तक पेट्रोल छिड़कने के निशान भी मिले हैं। ट्रैक के बीच सिलेंडर रखा गया था। ट्रैक से सटाकर रखी कांच की बोतल में पेट्रोल था। उसमें एक बत्ती लगी हुई थी। एक झोले में ट्रैक किनारे बारूद रखा गया था। साजिश यह थी कि बर्राजपुर और बिल्हौर के बीच 100KMPH की रफ्तार से दौड़ रही कालिंदी एक्सप्रेस सिलेंडर से टकराएगी तो धमाका होगा। गैस रिसाव के साथ इंजन आग की चपेट में आएगा। टक्कर के बाद ट्रेन को पूरी तरह से रुकने में टाइम लगेगा, तब तक आग डिब्बों तक फैल जाएगी। हादसे को बड़ा बनाने के लिए पटरी के बगल में बारूद भी रखा गया था। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन के बाद अधिकारियों का कहना था कि इस साजिश के पीछे 4-5 हो सकते हैं। कानपुर के अलावा कन्नौज, उन्नाव, औरैया, हरदोई में पुलिस टीम के अलावा मुखबिर का नेटवर्क एक्टिव किया गया है। संदिग्ध लोगों को डिटेन करने का निर्देश दिया गया था। 17 अगस्त को पटरी से उतरी थी साबरमती एक्सप्रेस कानपुर में 17 अगस्त को साबरमती एक्सप्रेस (19168) पटरी से उतर गई थी। 22 डिब्बे डिरेल हुए थे। ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। कुछ यात्रियों को चोट लगी। हादसा देर रात 2.35 बजे कानपुर शहर से 11 किमी दूर भीमसेन और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच हुआ। हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड 70 से 80 के बीच थी। एक पहिया उतरते ही प्रेशर कम हुआ। ड्राइवर ने वक्त रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए थे, जिस वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- ट्रेन का इंजन पटरी पर रखी किसी भारी चीज से टकराया। इंजन पर टकराने के निशान थे। ———————— यह खबर भी पढ़ें लड़का है, चाहिए तो 3 लाख लगेंगे:अलीगढ़ में खरीदार से नर्स बोली- 2.5 लाख डॉक्टर साहब लेंगे और 50 हजार मैं अलीगढ़ में प्राइवेट अस्पतालों में नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करने का एक मामला सामने आया है। इसमें एक नर्स बच्चे के लिए परेशान दंपती से नवजात बच्चे का सौदा कर रही है। नर्स कहती है- बच्चा चाहिए, लड़का है। 3 लाख रुपए में मिल जाएगा। युवक ने पूछा- रुपए कुछ कम हो जाएंगे? यहां पढ़ें पूरी खबर

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