हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों द्वारा संदिग्ध कप सिरप पीने के कारण कई दुखद मौतों की खबरों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इन दर्दनाक घटनाओं को देखते हुए झारखंड सरकार ने जिला स्तर पर बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कड़ा और सतर्क कदम उठाया है। औषधि नियंत्रण निदेशालय, नामकुम के निर्देशानुसार गुमला जिले में सभी औषधि निरीक्षकों को विशेष निगरानी और सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। उपायुक्त के प्रत्यक्ष निर्देशन में जिले के ड्रग इंस्पेक्टर पूनम तिर्की के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। टीम ने जिला के सभी सरकारी अस्पतालों, क्लीनिक और निजी दवा दुकानों का दौरा किया और विशेष तौर पर तीन संदिग्ध कप सिरपों-कोल्डरिफ िसरप, रेस्पी रेस्पिफ्रेश टीआर, और िरलाइफ िसरप की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ाई। इस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये सिरप गुमला जिले में उपलब्ध नहीं हैं, और किसी भी प्रकार की बिक्री या वितरण को रोक दिया गया है। सिर्फ यही नहीं, जिले में बच्चों के उपयोग में आने वाले अन्य पेडियाट्रिक सिरपों के छह नमूने भी एकत्रित किए गए हैं। इन नमूनों की जांच जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं और बच्चों के लिए हानिकारक नहीं हैं। उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों, फार्मासियों और अस्पतालों को निर्देशित किया है कि संदिग्ध सिरपों की किसी भी गतिविधि पर तुरंत सूचना दी जाए और कोई भी अवैध बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने जनता से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त दवा दुकानों से ही बच्चों की दवा खरीदें। किसी भी संदिग्ध सिरप को लेने, देने या उपयोग करने से बचें और यदि किसी को इस तरह की दवा उपलब्ध होती दिखे तो तुरंत प्रशासन या औषधि निरीक्षक को सूचित करें। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है कि किसी भी तरह की अवैध, नकली या संदिग्ध औषधि बच्चों तक न पहुंचे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुमला जिले में इस गंभीर मामले की सतर्कता को देखते हुए प्रशासन लगातार जिले के सभी औषधि विक्रेताओं और स्वास्थ्य केंद्रों पर निगरानी रखे हुए है। साथ ही, आम जनता, स्वास्थ्य कर्मियों और फार्मासिस्टों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि हमारे बच्चों की सुरक्षा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। संदिग्ध औषधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षित बच्चों का भविष्य ही सुरक्षित समाज है। गुमला प्रशासन इस दिशा में हर संभव कदम उठा रहा है।


