फाजिल्का के डीसी दफ्तर के बाहर डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट पंजाब, नौजवान भारत सभा, कीर्ति किसान यूनियन और पंजाब स्टूडेंट यूनियन ने संयुक्त रूप से रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जंगलों में रहने वाले आदिवासी लोगों को बेवजह मारा जा रहा है और उन्हें उजाड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट पंजाब के राज्य स्तरीय जनरल सचिव महिंदर कौड़ियांवाली ने बताया कि चारों संगठनों ने मिलकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ यह संयुक्त प्रदर्शन आयोजित किया है। उनके अनुसार, हजारों वर्षों से जंगलों में रह रहे आदिवासियों को वहां से हटाने और प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों के हवाले करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद को खत्म करने के नाम पर उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। कीर्ति किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुखचैन सिंह ने कहा कि तेलंगाना में संघर्षरत लोगों को मारा जा रहा है और पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा फेक एनकाउंटर किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह रोष प्रदर्शन किया गया है।


