भास्कर न्यूज| लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इन सड़कों की गुणवत्ता पर बार-बार सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में समराला लिंक रोड की निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठे, जब दो दिन की हल्की बारिश के बाद सड़क पर बजरी बिखर गई और गड्ढे दिखने लगे। यह सड़क चाडोणी गांव से मिल्को वाल तक फैली हुई है। यह 5 किमी की सड़क 10 दिन पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई थी। सड़क की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठते हुए इलाका निवासी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मिलकर खराब गुणवत्ता की सड़कों का निर्माण कर रहे हैं, जो बार-बार मरम्मत की आवश्यकता होती है। समराला लिंक रोड की स्पेशल रिपेयरिंग माछीवाडा कमेटी ग्रुप-1 के तहत निर्माण का टेंडर सुनील कुमार ठेकेदार को दिया गया था। हाल ही में बारिश के बाद सड़क की स्थिति खराब हो गई और बिखरी हुई बजरी और गड्ढों ने लोगों को परेशानी में डाल दिया। इलाका निवासी गुरमीत सिंह ने कहा कि अगर सड़कों का निर्माण सही सामग्री से किया जाए, तो वे कई वर्षों तक ठीक रहती हैं, लेकिन इस तरह की सड़कों को ठीक करने के लिए बार-बार सरकार को पैसा खर्च करना पड़ता है। सुमित कुमार नामक एक और स्थानीय निवासी ने बताया कि यह ठेकेदार पहले भी कई बार शिकायतों का शिकार हो चुका है। उसने गलाडा और नगर निगम की सड़कों के निर्माण में भी गुणवत्ता की कमी की थी, जिससे निर्माण के बाद सड़कों में जल्दी ही खराबी आ गई थी। अब समराला लिंक रोड पर भी इस ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। गुस्साए स्थानीय निवासियों ने इस ठेकेदार के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि ठेकेदार ने हल्के मटीरियल का उपयोग कर सरकार और जनता को नुकसान पहुंचाया है। इलाके के लोगों का कहना है कि अगर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी इस तरह की घटिया सड़कों का निर्माण होता रहेगा। इस बारे में जब पीडब्लूडी के जेई जरनैल सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि समराला लिंक रोड का ठेका सुनील कुमार के पास है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी जल्दी सड़क पर बजरी क्यों बिखर गई, तो उन्होंने कहा कि वे इसे ठीक करवा देंगे और यह समस्या जल्द ही हल हो जाएगी।


