भास्कर न्यूज |लुधियाना फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन का एक डेलीगेशन प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह कुलार की अगुवाई में पंजाब के इंडस्ट्री और कॉमर्स मिनिस्टर संजीव अरोड़ा से मिला। डेलीगेशन में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजीव जैन, वाइस प्रेसिडेंट बलदेव सिंह अमर और प्लास्टिक डिवीजन हेड मानकर गर्ग मौजूद रहे। फीको ने उद्योग से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर मंत्री को एक लिखित मेमोरेंडम सौंपा। फीको ने बताया कि साइकिल, सिलाई मशीन और कृषि उपकरण जैसे तैयार उत्पादों पर 5% जीएसटी, जबकि कच्चे माल पर 18% जीएसटी लगता है। इस उल्टे टैक्स ढांचे के कारण जीएसटी रिफंड अटक जाता है और उद्योग को कार्यशील पूंजी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। उद्योग का पैसा सरकार के पास फंसा रहता है, जिससे बैंक लिमिट का ज्यादा उपयोग होता है और ब्याज का बोझ बढ़ता है। फीको ने आग्रह किया कि रिटर्न जमा होने के बाद जीएसटी रिफंड स्वतः जारी हो। सरकार नए जीएसटी नंबर पर नई यूनिट को इंसेंटिव देती है, लेकिन ओईएम नए वेंडर को मंजूरी नहीं देते। ऐसे में पुराना जीएसटी नंबर रखते हुए नई यूनिट लगाने वाले उद्योगपतियों को भी वही इंसेंटिव मिलना चाहिए। कई उद्योगों में आउटपुट पर 5% और इनपुट पर 18% जीएसटी होने से भारी आईटीसी जमा होता है। फीको का कहना है कि इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के कारण जो आटीसी रिफंड मिलता है, उसे इंसेंटिव की गणना में शामिल न किया जाए, क्योंकि वह कोई लाभ नहीं, बल्कि टैक्स का रिफंड है। फीको ने बताया कि विभाग खरीद वेरिफिकेशन के चार–चार स्टेज कर रहा है, जबकि सप्लायर मौजूद होने पर भी खरीदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। फीको ने मांग की कि वेरिफिकेशन को तीन स्टेज तक सीमित किया जाए, ताकि उद्योग पर अनावश्यक बोझ न पड़े और पंजाब में बिजनेस करना आसान हो।


