भास्कर न्यूज | दंतेवाडा कर्रेगुट्टा पहाड़ पर सुरक्षाबलों द्वारा महीने भर का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन चलाया गया। यहां 24 घंटे जवानों की मौजूदगी रहेगी। जिससे बस्तर में नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना छिन गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र लंबे समय से माओवादी प्रभाव वाला इलाका रहा है, इस क्षेत्र में अक्सर नक्सली मीटिंग, जनताना सरकार की गतिविधियां और विस्फोटक हमलों की सूचनाएं मिलती रही हैं, ऐसे में ताड़पाला बेस कैंप की स्थापना नक्सली नेटवर्क की निगरानी, नियंत्रण और दमन के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है,यह बेस कैंप अब माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन लॉन्चिंग पॉइंट के रूप में काम करेगा, जिससे क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ऑपरेशनल पकड़ मजबूत होगी, कैंप स्थापित होने से नियमित गश्त, एरिया डोमिनेशन और पेट्रोलिंग गतिविधियां भी बढ़ेंगी। कर्रेगुट्टा में कैंप खुलने के बाद बस्तर में नक्सलियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा, कर्रेगुट्टा नक्सलियों के छिपने का सबसे सुरक्षित ठिकाना था, जहां गुफाओं में नक्सली रहते थे और यहां से आसानी से तेलंगाना, महाराष्ट्र की ओर मूवमेंट करते थे। नक्सलियों का रसद और गोला-बारूद का स्टॉक यहीं रहता था, यहां से भागने के बाद लगातार अब नक्सली मारे जा रहे हैं, जवानों के द्वारा अब विशेष नहीं रोज ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं जिससे नक्सलियों की कमेटियां टूट गई हैं। एएसपी चंद्रकांत गौरना ने कहा सीआरपीएफ के डीजी का दौरा हुआ है कर्रेगुट्टा में जवानों से मिलकर उन्होंने हौसला बढ़ाया है।


