धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र स्थित किसान चौक पर शुक्रवार सुबह एक अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई, मगर उसका शव पूरे 24 घंटे तक सड़क किनारे ही पड़ा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक लंबे समय से कचरा बीनकर अपना गुजारा कर रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना भी दी, लेकिन पूरे दिन और रातभर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सड़क किनारे शव पड़े रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई, वहीं पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे। मीडिया में मामला आने के बाद जागी पुलिस शुक्रवार रात तक कोई कदम नहीं उठाए जाने के बाद मामला मीडिया में आने पर शनिवार सुबह पुलिस हरकत में आई। बरवाअड्डा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शव के पास से गुजरते राहगीर और दुकानदार लगातार पुलिस की लापरवाही को लेकर चर्चा कर रहे थे, लेकिन पुलिस की ओर से किसी अधिकारी ने मौके पर आने की जहमत नहीं उठाई। सुबह तक शव वहीं पड़ा रहा, जिससे क्षेत्र में भय और असहजता का माहौल बन गया। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सुबह 10 बजे ही घटना की जानकारी पुलिस को दी गई थी, बावजूद इसके पुलिस की ओर से कोई संवेदनशील कदम नहीं उठाया गया। जनता की समस्याओं से पुलिस बेखबर घटना पर JLKM नेता हरेंद्र रजक ने बरवाअड्डा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र की पुलिस केवल उगाही में व्यस्त रहती है और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। रजक ने यह भी कहा कि किसान चौक पर अधिकांश समय पुलिस पेट्रोलिंग वाहन मौजूद रहता है, फिर भी एक शव 24 घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा, जो पुलिस की संवेदनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है। स्थानीय दुकानदारों ने भी मृतक की पहचान वासेपुर निवासी के रूप में की है।


