भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा ब्लॉक जगराओं ने 26 नवंबर को चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। यह रैली दिल्ली किसान आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। यह निर्णय जगराओं के गांव भमीपुरा स्थित गुरुद्वारा साहिब में ब्लॉक अध्यक्ष तरसेम सिंह बसुवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इस बैठक में 15 गांवों की इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कई प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित ब्लॉक सचिव रछपाल सिंह डल्ला ने बताया कि बैठक में कई प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें केंद्र सरकार के बिजली बिल 2025 को तुरंत वापस लेने, पंजाब की सरकारी जमीनों को बेचने के प्रस्ताव का विरोध करने और पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों के संघर्ष का समर्थन करते हुए सीनेट चुनाव की घोषणा करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, पंजाब सरकार से नई कृषि नीति को तुरंत जारी करने की मांग की गई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों के विरोध के बावजूद लागू की गई श्रम संहिता की कड़ी निंदा की गई और मजदूर संगठनों के संघर्ष को समर्थन देने की घोषणा की गई। धान की खरीद बहाल करने की मांग किसानों ने पंजाब सरकार से राज्य की अनाज मंडियों में पड़े धान की बंद की गई खरीद तुरंत बहाल करने और कच्ची मंडियों में पड़ी धान की बोरियों को तत्काल उठाने की मांग की। किसान नेताओं ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर 24 नवंबर को मजदूरों और किसानों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल एडीसी जगराओं से मिलेगा। यदि धान की खरीद और उठान बहाल नहीं हुई, तो किसान संगठनों ने जबरदस्त चक्का जाम की चेतावनी दी है। बैठक में लोकतांत्रिक अधिकार सभा की नेता और पूर्व छात्र नेता एडवोकेट अमनदीप कौर को गुंडों द्वारा दी गई धमकियों की भी कड़ी निंदा की गई। इस दौरान अमरजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, वजीर सिंह, तेजा सिंह, निर्मल सिंह, आत्मा सिंह, सरूप सिंह, बलविंदर सिंह, रणजीत सिंह, रछपाल सिंह, सुखदेव सिंह, बहादुर सिंह, कुलविंदर सिंह, दिलबाग सिंह, सतिंदर पाल सिंह, कुंडा सिंह, बलबीर सिंह सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित थे।


