चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र के पीतीज गांव में एक पिता ने अपने बेटे पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। दुलार प्रजापति ने आपसी विवाद के चलते अपने बेटे राजिंद्र प्रजापति के पेट में चाकू घोंप दिया। घटना के बाद परिजनों ने घायल राजिंद्र प्रजापति को हजारीबाग के अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने घटना की पुष्टि की है। थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि यह वारदात पिता-पुत्र के आपसी विवाद के कारण हुई है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। विवाद की शुरुआत घर में लगे एक पेड़ की कटाई को लेकर हुई थी घायल पुत्र राजिंद्र की मां ने इस पूरे मामले पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विवाद की शुरुआत घर में लगे एक पेड़ की कटाई को लेकर हुई थी। मां के अनुसार, “हमारे घर में लैपटॉप्स का पेड़ था जिसको हम किसी व्यापारी के हाथों बेच चुके थे।” उन्होंने आगे बताया, “व्यापारी पेड़ की कटाई करके अपनी गाड़ी में लोड कर रहा था। इसी बीच हमारे पति आए और हमारे बेटे के साथ तू-तू, मैं-मैं करते हुए उसके पेट में चाकू मार दिया।” मां ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति दुलार प्रजापति अकेले नहीं आए थे, बल्कि अपने चार से पांच भांजों के साथ आकर इस घटना को अंजाम दिया। चाकू लगने के बाद बेटा घटनास्थल पर ही गिर पड़ा। तत्काल पुलिस और एंबुलेंस की सहायता राजिंद्र की मां ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने तत्काल इटखोरी थाना पुलिस को जानकारी दी ताकि उन्हें सहायता मिल सके। उन्होंने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए बताया कि सूचना के बाद मौके पर तुरंत एंबुलेंस की सहायता मिली, जिसके बाद वे बेटे को लेकर आनन-फानन में हजारीबाग के अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल की मां ने पुलिस से अपने पति और उनके साथ आए भांजा समेत अपने ही परिवार के कई लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी पिता दुलार प्रजापति व अन्य संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


