भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में श्री गुरु तेग बहादर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। यह सेमिनार रसायन विज्ञान विभाग, शारीरिक शिक्षा विभाग और फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग द्वारा आयोजित किया गया। हिंद दी चादर के नाम से विख्यात गुरु तेग बहादर जी की शहादत को नमन करते हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की रक्षा हेतु दिए गए बलिदान को याद करना और स्टूडेंट्स में उनके सिद्धांतों के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. कर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में गुरु तेग बहादर जी की शहादत को मानव इतिहास का सबसे बड़ा बलिदान बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी गुरु साहिब का संदेश शांति, भाईचारे, सहिष्णुता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाएं युवाओं को कर्तव्य, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। सेमिनार की शुरुआत रसायन विज्ञान विभाग के प्रमुख और डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. डॉ. पलविंदर सिंह के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने गुरु साहिब की शिक्षाओं के बहुआयामी स्वरूप को विस्तार से समझाते हुए कहा कि धर्म की रक्षा और निडरता का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था ।


