पुलिस को क्यों नहीं दिखी लड़की -ASI सस्पेंड:बस ड्राइवर है आरोपी, बेटी की सहेली थी मृतका, पुलिस 20 मिनट घर में रही, बोली-अंदर कुछ नहीं

जालंधर वेस्ट में पड़ोसी के घर के वॉशरूम में मिली नाबालिगा की डेडबॉडी मामले में पुलिस का लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने मौके पर गए भार्गव कैंप के ASI मंगत राम को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मंगत राम ही वो पुलिस वाला था जो लोगों की सूचना पर सबसे पहले घर के अंदर गया था।
लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने शाम 4 बजे के बाद बेटी के गुम होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस कर्मी पहुंचा। हमने कहा कि हमें शक है कि बेटी घर के अंदर है। CCTV में वह घर में जाती दिखी, लेकिन बाहर निकलती नहीं दिखी। इस पर पुलिस कर्मचारी ने घर का गेट खुलवाया। उनको अंदर नहीं आने दिया। मंगत राम ने कहा कि वह अंदर चेक कर बताते हैं।
पुलिस घर के अंदर बिना महिला कॉन्सटेबल के गई। लगभग 20 मिनट तक घर के अंदर ASI ने तलाशी लेने का दावा किया। बाहर निकलते उसने कहा कि मैंने पूरा घर देख लिया है। यहां पर आपकी बेटी नहीं है। इतना कहने के बाद पुलिस वला चला गया और आरोपी ने अंदर से घर का गेट बंद कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले ने सही ड्यूटी नहीं निभाई। अगर वॉशरूम चेक करता तो हो सकता तब तक बेटी की सांस चल रही हो। उसे बचाया जा सकता था। लोगों के पुलिस पर ये 5 सवाल 3 पॉइंट में पढ़ें लोगों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए
बच्ची की गुमशुदगी पर भी बिना महिला कॉन्स्टेबल पहुंचा ASI
आरोपी के घर के बिल्कुल सामने रहने वाली उपासना ने बताया कि बच्ची के गुम होने का शोर-शराबा लगी में होने लगा तो मैं भी घर से बाहर गली में आ गई। पता चला कि हमारी गली की लड़की गुम हो गई है। लोगों ने कहा कि आरोपी के घर के अंदर गई है। इसके बाद घर में लगे CCTV कैमरे चेक किए तो लड़की काली ड्रेस पहने थी। वह गली में टहलती हुई जाती है और आरोपी के घर में प्रवेश कर जाती है। इसके 1 घंटे तक का पूरा CCTV फुटेज देखा गया, लेकिन लड़की बाहर आते हुए नहीं दिखती।
लोगों का शक पुख्ता हुआ तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। भार्गव कैंप पुलिस को बताया गया था कि बेटी गुम हो गई है और शक है कि उसके साथ कुछ गलत न हो गया हो। गेट बंद है और खोला नहीं जा रहा है। इस पर ASI मंगत राम आते हैं। घर के अंदर जाते हैं और बाहर आकर कहते हैं कि अंदर कोई नहीं है।
आरोपी की पत्नी गई थी मायके, उसे फोन किया तो बोली-मेरा पति ऐसा नहीं
उपासना के साथ खड़ी गली की एक अन्य महिला ने बताया कि आरोपी की पत्नी का उसके पास मोबाइल नंबर था। उसने उसे फोन लगाया और सारी बात बताई तो उसने कहा कि वह तो लुधियाना में अपने मायके घर आई है और बेटी भी उसके साथ है। घर में पति अकेला है, लेकिन वो ऐसा नहीं है और कुछ भी गलत नहीं कर सकता है।
इसके बाद लोगों ने बेटी को इधर-उधर भी तलाश किया और इस काम में 2 घंटे से ज्यादा समय लग गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बच्ची 4 बजे के करीब घर में घुसी थी और आधे घंटे में ही पुलिस आ गई थी। 6 बजे के करीब जब लोग जबरदस्ती घर में घुसे और तलाशी ली तो उन्हें वॉशरूम से डेडबॉडी मिली। लोगों ने शक जताया कि हो सकता है तब तक बच्ची जिंदा हो। पुलिस की लापरवाही की वजह से उसकी जान गई है। उनको पुलिस से इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है।

लोगों को डेडबॉडी मिली तो पुलिस वाले को क्यों नहीं
गली के लोगों को जब घर के अंदर वॉशरूम से शाम 6 बजे के करीब डेडबॉडी मिली तो प्रदर्शन शुरू हो गया। माहौल खराब होता देख ADCP हरिंदर गिल मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। जैसे ही घर का गेट खोला गया तो लोगों ने पथराव किया। अंदर से गली में घसीटकर आरोपी को बुरी तरह से पीटा।
पुलिस खींच-खींचकर लोगो को हटाती रही, लेकिन एक के बाद एक लोग आरोपी को पीटते रहे। पुलिस ने मुश्किल से आरोपी को बचाया। लोगों का एक ही सवाल था कि जब उनको घर से अंदर से डेडबॉडी मिल गई तो पुलिस को कैसे नहीं मिला। ASI क्या आरोपी को बचाना चाहता था।
ASI मंगत राम बोला-मैंने तो घर के अंदर CCTV चेक किया था
लोगों के हंगामे के बीच मौके पर ASI मंगतराम भी मौजूद था। जब मंगतराम से पूछा गया कि आप घर के अंदर गए थे तो क्या किया। इस पर ASI का जवाब था कि मैंने घर में लगे CCTV की फुटेज चेक की और बाहर आ गया। कमरों में देखा, लेकिन वॉशरूम को चेक नहीं किया।
कार क्यों लाई गई, क्या लाश ठिकाने लगाने की योजना थी
हंगामा करते हुए गली के लोगों ने पुलिस के सामने सवाल उठाया कि आरोपी के पास तो कार है ही नहीं फिर घर के अंदर खड़ी ये कार किसकी है। इस पर ADCP का जवाब था कि ये पार्ट आफ इन्वेस्टिगेशन है। पुलिस कार के नंबर से मालिक का पता लगा रही है। इस पर लोगों ने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि पहले से ही बच्ची के साथ गलत काम करने और कार से लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी।
ADCP हरिंदर गिल ने लोगों को समझाया और भरोसा दिया कि इस काम के पीछे जो कोई भी होगा, उसे सजा दिलाई जाएगी। इस केस को पास्ट ट्रैक कोर्ट में लेकर जाएंगे। कानून के तहत जो भी सख्त से सख्त सजा होगी वो मिलेगी। जानें कौन थी लड़की, कब-क्यों गई घर में
मृतका 13 साल की उम्र की थी। 8वीं क्लास में पढ़ रही थी। आरोपी ड्राइवर और उसके घर का फासला 3-4 घर छोड़कर ही है। ड्राइवर की बेटी और मृतका आपस में सहेलियां थी और अकसर उसका अपनी सहेली के घर आना-जाना था। शनिवार शाम को भी वह गली में टहलते हुए सहेली से मिलने के लिए ही उसके घर गई थी।
CCTV में शाम 4 बजे दिखी गली में
परिवार ने जो CCTV फुटेज शेयर किया है उसमें लड़की के आगे गली में जाती हुई एक औरत दिखाई देती है। उसके साथ दो बच्चे हैं। इसके पीछे-पीछे बच्ची (मृतका) आती दिखाई देती है। गली के बीच उसका जूता खुल जाता है। इसे वह गली मे ही खड़ी एक गाड़ी के सहारे खड़े होकर ठीक करती है। इसके बाद आरोपी के घर के अंदर चली जाती है।
साढ़े 4 बजे के करीब परिवार ने ढूंढना शुरू कर दिया
शाम 4 बजे गई बच्ची जब आधे घंटे तक घर नहीं लौटती है तो परिवार ने उसे ढूंढना शुरू किया। लड़की की मां आरोपी के घर का गेट खटखटाती है तो गेट लॉक मिलता है। इसके बाद लोगों को बताती है कि वह अकसर सहेली से मिलने ही जाती थी। आज दिख नहीं रही। न ही अंदर से कोई जवाब दे रहा है। इसके बाद CCTV देखे तो वो अपनी सहेली के घर जाती दिखती है। लोगों को शक होता है तो तुरंत थाना भार्गव कैंप पुलिस को सूचित किया जाता है।
पुलिस के न ढूंढ पाने पर लोग जबरदस्ती घर में घुसे
सूचना पर पुलिस के पहुंचने और लड़की को न ढूंढ पाने पर जब पूरी गली को इस बात की खबर लगती है तो लोग गुस्से में आ जाते हैं और खुद गेट को किसी तरह खोलकर अंदर घुस जाते हैं। जैसे ही वॉशरूम की कुंडी खोलते हैं तो बच्ची अंदर गिरी मिलती है। उसे चेक करते हैं तो बच्ची डेड मिलती है।
इस पर लोग घर के मालिक को अंदर से पकड़ लेती है। उसे पीटते हुए गली में लाती है। घर में खड़ी कार के शीशे तोड़ देते हैं। इतने में पुलिस बल पहुंच जाता है और डेडबॉडी के बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाता है और आरोपी को भी घायल हालत में सिविल अस्पताल जालंधर पहुंचाता है। शाम 4 बजे से शुरू हुआ ये हंगामा रात 1 बजे के बाद तक चलता रहता है।

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