गुमला जिले के पालकोट प्रखंड के टेंगरिया गांव में 73 वर्षीय झालो देवी की गर्दन और सिर के पीछे धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पालकोट थाना पुलिस शनिवार शाम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेज दिया। मृतका के परिजन सूरज इंदवार ने पुलिस को बताया कि रात के समय किसी अज्ञात शख्स ने झालो देवी पर पीछे से हमला किया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। घटना से पूरे गांव में दहशत है और लोग इस निर्मम हत्याकांड से स्तब्ध हैं। गांव के दो युवक गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए बसिया एसडीपीओ नाजिर अख्तर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम रविवार को सुबह से ही छानबीन में जुट गई और गांव के ही दो युवकों 27 वर्षीय अजयकांत भगत और उसका चचेरा भाई 19 वर्षीय अर्जुन कांत भगत को धर-दबोचा। दोनों को हिरासत में लेते ही पुलिस ने उनसे लंबी पूछताछ की। जिसके बाद शाम करीब चार से पांच बजे के बीच उन्हें सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के कपड़ों और हाथों पर मिले खून के निशान भी जांच में शामिल होंगे। भूमि विवाद बना हत्या का कारण पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि हत्या की वजह गांव की एक जमीन को लेकर चल रहा विवाद था। आरोपियों ने बताया कि झालो देवी ने उस जमीन पर जबरदस्ती जुताई करवा दी थी, जिसे लेकर वे काफी नाराज थे। कई बार मना करने के बावजूद जब वह नहीं मानीं, तो उन्होंने आवेश में आकर वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या टेंगरिया के नए घर के पास चरका टांगर स्थित लोहरा उरांव के खेत में की गई, जहां दोनों ने झालो देवी को अकेला पाकर हमला कर दिया।


