छत्तीसगढ़ के कांकेर में फिर धर्मांतरित महिला का शव दफनाने को लेकर बवाल हो गया। ग्रामीणों ने गांव में लाश दफनाने का विरोध किया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।जिसके बाद शव को रायपुर ले जाने का फैसला लिया गया। मामला ग्राम बेवरती का है। जानकारी के मुताबिक, कृष्णा मेश्राम के परिवार ने हिंदु धर्म छोड़ ईसाई धर्म को अपना लिया है। ऐसे में ग्रामीणों को कहना है कि गांव की रीति-रिवाज से कृष्णा मेश्राम की पत्नी कांति का अंतिम संस्कार किया जाए। दरअसल, कांति मेश्राम बीमार थी। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने जब शव को अंतिम संस्कार के लिए घर लाया, तो ग्रामीणों ने उनके घर का घेराव कर गांव की सीमा के बाहर शव दफनाने की मांग की, जिससे विवाद गहरा गया। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने शव को चारामा ले जाने की तैयारी की। हालांकि, चारामा में पहले से ही सर्व हिंदू समाज के लोग विरोध प्रदर्शन के लिए तैनात थे। इसके बाद प्रशासन ने पिछली घटनाओं की तरह शव को रायपुर ले जाकर अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया।


