कमिश्नर महादेव कावरे ने रविवार को बलौदाबाजार जिले के पलारी और बलौदाबाजार तहसीलों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डिजिटाइजेशन की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की। 10 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले 28 बीएलओ, अविहित अधिकारियों और सुपरवाइजरों को ॉनोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। महादेव कावरे ने अपने निरीक्षण की शुरुआत ग्राम खरतोरा से की। उन्होंने बीएलओ से मतदान केंद्र की संख्या, मतदाताओं की संख्या, संकलित गणना पत्रकों की स्थिति और डिजिटाइजेशन की प्रगति की जानकारी ली। कमिश्नर ने स्थानीय मतदाताओं से भी बात की और गणना पत्रक भरने में आने वाली समस्याओं के बारे में पूछा। कमिश्नर ने डिजिटाइजेशन कार्य की गति बढ़ाने दिए निर्देश इसके बाद कमिश्नर पलारी तहसील कार्यालय पहुंचे और ऑपरेटरों द्वारा किए जा रहे डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अपनी मौजूदगी में एक ऑपरेटर से गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन करवाकर प्रक्रिया को समझा। कावरे ने ऑपरेटरों और बीएलओ को डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने और मोबाइल नेटवर्क की समस्या होने पर कार्यालय के वाई-फॉई का उपयोग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण का अगला चरण बलौदाबाजार तहसील के ग्राम कुकुरदी की संवरा बस्ती में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र था। जहां डिजिटाइजेशन का कार्य जारी था। उन्होंने यहां भी बीएलओ से कार्य प्रगति की जानकारी ली और अतिरिक्त सहयोगी लगाकर कार्य में तेजी लाने का आदेश दिया। बलौदाबाजार तहसील कार्यालय में उन्होंने ऑपरेटरों से गणना पत्रकों के साथ संलग्न होने वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की और कार्य दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर डिजिटाइजेशन कार्य को समय सीमा में पूरा किया जाए।


