मतदाता सूची की जांच के लिए हो रहा एसआईआर के काम ने लोगों को परेशान कर दिया है। फॉर्म बांटने वाले बीएलओ के अलग-अलग नियमों से लोग हलाकान हो गए हैं। किसी वार्ड में एसआईआर के साथ किसी भी तरह का दस्तावेज नहीं मांगा जा रहा है, लेकिन अधिकतर वार्डों में लोगों से कहा जा रहा है कि वे फॉर्म के साथ मूल निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या राशन कार्ड की कॉपी जरूर लगाएं। जबकि निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिन लोगों के नाम 2003 की मतदाता सूची में है उन्हें केवल फॉर्म भरना है। बीएलओ के इन नियमों का लोगों ने अब विरोध करना भी शुरू कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से बार-बार दावा किया जा रहा है कि राजधानी समेत राज्यभर में 2 करोड़ 7 लाख 36241 गणना पत्रक फॉर्म में 97.67 प्रतिशत फॉर्म बांटे जा चुके हैं। यानी हर वार्ड में लगभग फॉर्म बांटे जा चुके हैं। लेकिन शहर के किसी भी वार्ड में बीएलओ फॉर्म ही बांटते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्हें लोगों के घर ही नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से वे वार्ड के किसी चौक या मुख्य जगह पर बैठकर लोगों को फॉर्म दे रहे हैं। इसमें भी उन्हीं लोगों को फॉर्म मिल रहा है जो वहां लेने आते हैं। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। निर्वाचन आयोग का आदेश है कि सभी बीएलओ लोगों के घरों में फॉर्म देने जाएंगे और बाद में उसे लेने भी। लेकिन बीएलओ फॉर्म ही नहीं बांट पा रहे हैं। इस वजह से घरों में वापस फॉर्म लेने भी नहीं जा रहे हैं। इससे वार्डों में लोग खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि अफसरों की लापरवाही की वजह से उन्हें हर दिन परेशान होना पड़ रहा है। व्हाइट बैकग्राउंड फोटो जरूरी नहीं
गणना प्रपत्र जमा करने के बाद दस्तावेजों को लेकर जमकर विवाद हो रहा है। 2003 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद बीएलओ लोगों से कह रहे हैं कि जरूरी दस्तावेज तो देना ही होगा। इतना ही नहीं कई वार्डों में केवल उन्हीं लोगों से फोटो ली जा रही है जो मतदाता सूची में अपनी फोटो बदलवाना चाहते हैं। लेकिन अधिकतर वार्डों के बीएलओ लोगों से कह रहे हैं कि व्हाइट बैकग्राउंड वाले फोटो फॉर्म में लगाना अनिवार्य है। वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका फॉर्म निरस्त हो जाएगा। बीएलओ कहां मिलेंगे ये भी तय नहीं
भास्कर टीम ने शहर के कई वार्डों की पड़ताल की तो पता चला कि लोगों को पता ही नहीं चलता है कि बीएलओ कहां फॉर्म बांट रहे हैं। लोग उन्हें वार्डों की गलियों में ढूंढते रहते हैं। पार्षदों का कहना है कि जिन बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है वे समय पर नहीं आते हैं और कई तो दूसरे काम बताकर आ ही नहीं रहे हैं। इसकी शिकायत कलेक्टर और एसडीएम से भी की जा चुकी है। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। सीधी बात – नवीन कुमार ठाकुर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
दस्तावेज और फोटो अनिवार्य नहीं बीएलओ बिना दस्तावेज फॉर्म जमा नहीं ले रहे?
-2003 की मतदाता सूची में नाम है तो दस्तावेज नहीं देना है। सभी बीएलओ व्हाइट बैकग्राउंड वाली फोटो मांग रहे हैं?
-जिनकी फोटो खराब या जिन्हें बदलवाना है केवल उन्हीं को देना है। फॉर्म जमा होने का काम बेहद धीमी गति से हो रहा है?
-अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। कोई दिक्कत नहीं होगी।


