रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर तक वाहनों से पहुंचने वाली मुख्य सड़क इस साल लगातार हुई बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। गार्डवॉल ढह जाने से आधी सड़क धंस गई है और कई हिस्सों में दरारें पड़ गई हैं। इस जर्जर सड़क पर वाहनों का चलना न केवल मुश्किल हो गया है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के िलए भी खतरा पैदा हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को हो रही है। कई लोग सड़क की खराब स्थिति के कारण मुख्य मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे और मजबूरन नीचे या बाहर से ही दर्शन कर वापस लौट जा रहे हैं। जबकि, कई लोग वाहन दूर में खड़ा कर दूसरे रास्ते से सीढ़ियों से ऊपर चढ़कर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर तक पहुंचने के लिए पहले ही ऊंची सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस रास्ते के बनने के बाद श्रद्धालु वाहन के जरिए मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच जाते थे, लेकिन अब सड़क की स्थिति खराब होने के कारण इस रास्ते को मंदिर कमेटी ने अगस्त माह से ही बंद कर रखा है। मंदिर कमेटी का कहना है कि कोई दुर्घटना न हो इसलिए न इस रास्ते से आना-जाना बंद किया गया है। मंदिर कमेटी ने सड़क की मरम्मत के लिए सरकार और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर गुहार लगाई है, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। सामान ऊपर तक ले जाने में दिक्कत इन दिनों शादी विवाह का सीजन चल रहा है और प्रतिदिन मंदिर परिसर में शादी-समारोह आयोजित हो रहे हैं। टूटी सड़क के कारण शादी का सामान और अन्य सामग्री नीचे से ऊपर ले जाना बेहद कठिन हो गया है। बाराती और परिवार के लोग चढ़ाई तथा खराब रास्ते दोनों का सामना कर रहे हैं, जिससे कार्यक्रमों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। यहां तक की प्रतिदिन बनने वाले भोग का सामान भी ऊपर पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। मुख्य मंदिर में निर्माण कार्य भी जारी है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण कंस्ट्रक्शन मटेरियल को ऊपर पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। गार्डवाल भी हो चुका है क्षतिग्रस्त। मंदिर कमेटी ने सड़क मरम्मत के लिए सरकार और जिला प्रशासन को दो महीने पहले लिखा था पत्र श्रद्धालुओं ने बताईं समस्याएं सेक्टर-2 की रहने वाली सुधा देवी बताती हैं कि वे पहले सप्ताह में एक दिन दर्शन करने जाती थीं, लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण अब इसके ठीक होने का इंतजार कर रही हैं। उनकी सास सीढ़ियां चढ़ नहीं पातीं, इसलिए मंदिर जाना मुश्किल हो गया है। उनके पति भी सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ हैं। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी रामेश्वर पाढ़ी और सरयू नाथ मिश्रा को भी पूजा कार्य संपन्न कराने के लिए मंदिर जाने में काफी परेशानी हो रही है। 76 वर्षीय राजकुमार दो लोगों के सहारे सीढ़ी से ऊपर चढ़ते हैं। पिछले सप्ताह दर्शन को आईं प्रियंका देवी व्हील चेयर में आईं थीं, लेकिन रास्ता बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं और मंदिर कमेटी के लोगों ने उनकी मदद की।


