राज्य में शहरी निकायों की कमाई बढ़ाने के लिए नई तरकीब निकाली गई है। नगर विकास विभाग ने निकायों की कमाई बढ़ाने के लिए केंद्रीय संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों से होल्डिंग टैक्स की वसूली करने का निर्देश दिया है। नगर विकास विभाग से जारी निर्देश में कहा गया है कि संबंधित निकाय क्षेत्र में अवस्थित वैसे केंद्रीय संस्थान- प्रतिष्ठान, जिसमें निकाय द्वारा कोई सेवा नहीं दी जा रही है, वे भी टैक्स के दायरे में आएंगे। ऐसे संस्थानों से कुल टैक्स असेस्मेंट का 35 प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा। जिन संस्थानों से निगम कूड़े का उठाव करता है, जलापूर्ति की जाती है या सड़क-नाली की सफाई की जाती है, तो वहां से अधिकतम 66% सेवा शुल्क वसूला जाएगा। विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों के पदाधिकारियों को पत्र भेजकर साफ किया है कि वे अपने निकाय क्षेत्र में पड़ने वाले केंद्रीय संस्थानों की सूची तैयार करें। वैसे भवनों का असेस्मेंट करके टैक्स की वसूली करें। इस दौरान यह देखें कि संबंधित संस्थान भवन और उसके वास्तविक उपयोग के अनुसार टैक्स दे रहे हैं या नहीं। इस कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए जीआईएस आधारित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने का निर्देश है। जीआईएस से भवन का सर्वे और डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद कुल एरिया के आधार पर टैक्स असेस्मेंट होगा। नगर विकास विभाग ने कहा है कि नए नियमों का अनुपालन तुरंत शुरू करें।


