अमनदीप सिंह | अमृतसर पंजाब की सियासत में एक बार फिर नवजोत सिंह सिद्धू का नाम जोरदार तरीके से गूंजने लगा है। 2019 में बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप स. नवजोत सिंह सिद्धू का नाम अचानक बदलकर ‘नवजोत सिंह सिद्धू सीएम पंजाब 2027’ कर दिया गया है, जिसके बाद से पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा हो गई है। ग्रुप का नाम बदले जाने के साथ ही सिद्धू की राजनीतिक वापसी के कयास तेज हो गए हैं। सिद्धू हाल ही में पटियाला में कांग्रेस वर्करों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनकी यह मुलाकात वैसे ही सियासी चर्चा का विषय बनी हुई थी, लेकिन सोशल मीडिया ग्रुप का नया नाम उस चर्चा को और भी तेज कर गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस ग्रुप में कई बड़े नेता जुड़े हुए हैं, साथ ही सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी इसका हिस्सा हैं। ग्रुप के बायो में लिखा है- ‘जित्तेगा पंजाब, जितेगी पंजाबियत… स. नवजोत सिंह सिद्धू सीएम 2027’ यानी यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेतों से भरा कदम माना जा रहा है, जिसने कांग्रेस के अंदर नई उम्मीद और बाहर नया सस्पेंस पैदा कर दिया है। इधर नवजोत कौर सिद्धू पहले ही राजनीति में सक्रिय हो चुकी हैं, ऐसे में सिद्धू की बढ़ती गतिविधियों को कांग्रेस की एक संभावित नई पारी के रूप में देखा जा रहा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और मीडिया कोऑर्डिनेटर जसकरण सिंह काहलों ने कहा कि यह कोई आधिकारिक पार्टी ग्रुप नहीं है, बल्कि एक निजी ग्रुप है जिसे किसी वर्कर ने बनाया है। उन्होंने कहा कि हम उस वर्कर की भावना का सम्मान करते हैं जिसने ग्रुप का नाम बदला है। सिद्धू कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। अगर किसी वर्कर को लगता है कि वह सीएम फेस होने चाहिए, तो यह उसकी व्यक्तिगत राय है। लेकिन सीएम चेहरे का अंतिम फैसला कांग्रेस हाई कमांड ही करेगी और वही सबको मान्य होगा। ग्रुप का नाम बदलने के बाद सोशल मीडिया से लेकर जमीनी राजनीति तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक तरफ वर्करों में उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी नजरें टिका रखी हैं। इस पूरे प्रकरण ने यह साफ संकेत दे दिया है कि नवजोत सिंह सिद्धू आगामी दिनों में पंजाब की राजनीति में धमाकेदार वापसी कर सकते हैं और कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन नई दिशा ले सकता है।


