कोहरे ने गुरुवार को स्पीड पर ब्रेक लगा दिए। अल सुबह सड़कों पर वाहनों की आवाजाही तो कम ही थी, लेकिन जो लोग भी निकले वे बेहद धीमी गति से वाहनों की हैडलाइट जलाकर चलते नजर आए। कोहरे में कुछ मीटर तक दूर तक ही कुछ नजर नहीं आ रहा था। जिले का अधिकांश हिस्सा कोहरे में लिपटा नजर आया। सर्दी के चलते दैनिक गतिविधियां काफी देरी से शुरू हुईं। सुबह नौ बजे तक सड़कों पर आवाजाही काफी कम थी। इस दौरान सड़कों पर जो लोग निकले वे सर्दी से बचाव के तमाम इंतजाम करके निकले। सड़कों पर निकलने वाले लोग ऊनी कपड़ों से बचाव करते दिखे। सड़कों के किनारे अलाव तापकर लोगों ने सर्दी दूर भगाई। शहर से सटे खेतों में तो कोहरे की चादर छाई हुई थी। यहां खेती के लिए निकले किसानों का कहना था कि जिले में कोहरा किन्नू और गाजर की फसल के फायदेमंद रहता है। अल सुबह सड़कों पर निकले कोचिंग स्टूडेंट्स का कहना था कि करियर के लिए वे सर्दी की परवाह नहीं कर रहे, लेकिन सर्दी के चलते सुबह सड़कों पर निकलना बेहद परेशानी भरा रहता है। सर्दी के चलते बाजार देरी से खुले। सुबह ग्यारह बजे तक बाजारों में रौनक नजर आई वहीं शाम को बाजारों में जल्दी सन्नाटा हो जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले चौबीस घंटे में भी इसी तरह से कोहरे और शीतलहर का असर रहने की संभावना है। इस दौरान हवा चल सकती है और तापमान में और गिरावट आएगी।


