चाईबासा के मझगांव थाना क्षेत्र के खड़पोस, हटानीसाई गांव में फेरीवाले श्रीराम बिरुवा की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना का प्रारंभिक सुराग 22 नवंबर 2025 को दोपहर 1:30 बजे मिला, जब झरना नदी तट पर एक जली हुई टीवीएस मोपेड मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपेंद्र नारायण सिंह, सहायक उपनिरीक्षक इबनेसार अहमद खान और सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि जली हुई मोपेड खड़पोस निवासी फेरीवाले श्रीराम बिरुवा की थी। घर के अंदर का सामान बिखरा पड़ा था और फर्श पर भी खून के निशान थे पुलिस जब श्रीराम बिरुवा के घर पहुंची तो मकान बाहर से बंद था, लेकिन भीतर टीवी चल रही थी। दरवाजे पर खून के धब्बे भी मिले। ग्रामीण मुंडा, स्थानीय मुखिया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दरवाजा खोला गया। घर के अंदर का सामान बिखरा पड़ा था और फर्श पर भी खून के निशान थे। श्रीराम बिरुवा अकेले रहते थे और परचून दुकान व फेरी का काम करते थे। उनका परिवार ओडिशा के जोड़ा, हुड़ीसाई में रहता है। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों को सूचित किया गया और खोजबीन शुरू की गई। घर से लगभग 100 मीटर दूर कब्रिस्तान परिसर स्थित मस्जिद की जमीन पर झाड़ियों में श्रीराम बिरुवा का अर्धनग्न शव मिला। इसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेजा गया। मृतक के पुत्र जयासिंह बिरुवा के लिखित आवेदन पर मझगांव थाना में मामला दर्ज किया गया। इसमें सूरज बिरुवा उर्फ टकलू (28), मधु बांकिरा उर्फ डोंडा (21) और राहुल पिंगुवा (29) को नामजद आरोपी बनाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने जमीन विवाद के कारण श्रीराम बिरुवा की हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून लगा लोहे का रॉड, खून लगा लोहे का खंजर (गुप्ती) और मृतक का खून लगा फुल पैंट मृतक के घर के समीप पुआल टाल से बरामद किया।


