सीधी जिले में गुरुवार सुबह 9 से 9.30 बजे तक बारिश हुई। इससे अलग-अलग केंद्रों में खुले में रखी हजारों क्विंटल धान भीग गई। बता दें कि जिले में कुड़िया, रामपुर नैकिन, सिहावल, पटपरा सहित दर्जनों धान खरीदी केंद्र हैं, लेकिन कहीं भी फसलों को बारिश से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। समाज सेवी सतीश चतुर्वेदी ने बताया- मैंने कुड़िया गांव स्थित धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों सहित कलेक्टर को सूचित किया। उन्हें बताया कि सैकड़ों क्विंटल धान तो अकेले कुड़िया में ही खराब हो गई है। जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों में भी ऐसे ही हालात हैं। फूड इंस्पेक्टर बोले- जो धान भीगी है, उसे सुखाएंगे वहीं फूड इंस्पेक्टर संदीप तिवारी ने बताया कि मौसम अचानक खराब हुआ, जिसकी वजह से तेज बारिश हुई है। हमें मौका ही नहीं मिला कि हम उसकी व्यवस्था करा पाते। फिलहाल जो धान भीगी है, उसे सुखाने का प्रयास किया जा रहा है। आगे ऐसी घटना ना हो, उसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। बारिश से उपज को बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं बता दें कि सीधी जिला सहित प्रदेश भर में धान की खरीदी चल रही है। इससे सीधी जिले में भी हजारों क्विंटल धान खुले में रखी है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से व्यवस्था करने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सीधी जिले के खरीदी केंद्रों में पानी से बचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। खुले में धान की खरीदी हो रही है और पानी बरसने की वजह से धन भी गई और बर्बाद हो गई।


