यूटीबी कार्मिक एसोसिएशन की ओर से चिकित्सा विभाग के नर्सेज और पैरामेडिकल वर्ग के कर्मचारियों को सीएसआर रुल या एनएचएम में मर्ज कर नौकरी देने की मांग को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दिया। धरने में बांसवाड़ा में एएनएम के रूप में सेवा दे चुकी आशा ने बताया- हम 2022 में लगे थे। सरकार ने हमें बार-बार एक महीने, 2 महीने का एक्सटेंशन दिया और अब हमें घर बैठा दिया है। जबकि एक्सटेंशन एक-एक साल का होता है। उन्होंने बताया- सरकार ने उन्हें अब परमानेंट ही घर बैठा दिया है। अब हमारे घर की स्थिति ऐसी है कि हम हमारे बच्चों का भरण पोषण कैसे करेंगे। हमने कोविड जैसी महामारी में जन सेवा की। अब भजनलाल सरकार ने हमें नए साल का ऐसा तोहफ़ा दिया है कि हमें घर बैठा दिया है। जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम संविदा कर्मी थे हमें हटाकर संविदा कर्मियों की भर्ती निकालना कहां का न्याय है। राजस्थान यूटीबी कार्मिक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश शर्मा ने बताया- वर्षों से चिकित्सा विभाग के नर्सेज और पैरामेडिकल वर्ग के कर्मचारी अपनी चिकित्सा सेवाओं से राजस्थान की जनता की सेवा कर रहे हैं। वर्तमान मे चिकित्सा विभाग की ओर से यूटीबी कार्मिकों को सेवा मुक्त के आदेश किए हैं और लगातार कार्यरत रहने के लिए सेवा अभिवृद्धि नहीं की जा रही हैं। जिसके कारण राजस्थान के समस्त यूटीबी कर्मचारियों मे अपने भविष्य को लेकर भय की स्थिति बनी हुई हैं। जिसे लेकर राजस्थान के हजारों कर्मचारी यूटीबी कार्मिक संघ के बैनर तले शहीद स्मारक पर हज़ारो की संख्या मे राजस्थान के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री तक अपनी मांगों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए सांकेतिक धरना दिया। इस बीच पुलिस प्रशासन के माध्यम से गिरीश शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग के प्रमुख शाशन सचिव गायत्री राठौड और चिकित्सा विभाग के निदेशक(अराजपत्रित) राकेश शर्मा से वार्ता हुई। वार्ता मे संतुष्ट जवाब नहीं मिलने पर यूटीबी कर्मचारियों ने चिकित्सा मंत्री से मिलने की मांग की। देर रात तक वार्ता नहीं होने के कारण अभी भी धरना जारी हैं। चिकित्सा विभाग के नर्सेज और पैरामेडिकल वर्ग के कर्मचारियों के समर्थन के लिए राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार मीणा, प्रांतीय संयोजक जीतेंद्र कटारा, प्रदेश सचिव दिनेश मीना, नर्सेज भर्ती 2023 संघर्ष समिति के अध्यक्ष सियाराम डोड़वाड़ी और संयोजक शंकर गुर्जर धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया।


