रांची राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए चुनाव आयोग द्वारा एक विशेष अभियान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) चलाया जा रहा है। इसको लेकर राजनीति गर्म हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से कहा है कि वे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को अविलंब बर्खास्त करें। मरांडी ने एसआईआर को लेकर बीएलओ को बंदी बनाए जाने संबंधी इरफान अंसारी के बयान को असंवैधानिक बताते हुए उसकी आलोचना की है। कहा, देश का संविधान चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों की शुद्धता और सटीकता बनाए रखने का पूर्ण अधिकार देता है। पर, संविधान बचाने का ढोल पीटने वाले राहुल गांधी के करीबी और झारखंड सरकार के कांग्रेसी मंत्री इरफान अंसारी ही संवैधानिक प्रक्रिया में बाधक बन रहे हैं। इधर, स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ फर्जी बीएलओ की बात की थी। जबकि भाजपा उसे तोड़ा- मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि कुछ फर्जी लोग नकली बीएलओ बनकर ग्रामीणों को डराने, धमकाने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। पूर्व में भी उन्हें ऐसी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था कि ऐसे फर्जी लोगों को ग्रामीण पकड़ कर रखें और तुरंत सूचना दें। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानर पलटवार करते हुए कहा कि वो ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपराध छिपाने के लिए नया अपराध गढ़ने का आरोप पूरी तरह से निराधार, हास्यास्पद और बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आरोप लगाया है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने देशद्रोही बयान दिया है। यह झारखंड को अशांत करने की साजिश है। बीएलओ की सुरक्षा को मंत्री खतरे में डाल रहे हैं। उनकी भूमिका की जांच हो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन्हें अविलंब बर्खास्त करें। स्वास्थ्य मंत्री ऐसे बयानों से घुसपैठियों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने मांग की कि एसआईआर के खिलाफ भ्रम फैलाने वाले मंत्री इरफान अंसारी पर एफआईआर हो। साथ ही उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। जब मंत्री हो भ्रम फैलाने लगे और चुनाव आयोग के कर्मचारी अधिकारी के खिलाफ जनता को भड़काए तो उसे पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता सागर कुमार ने राज्य के सभी बीएलओ से अपील की है कि वह निडर रहें और एसआईआर की प्रक्रिया में तेजी लाएं। कहा कि झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे, कोई इस मुग़ालते में न रहें। प्रक्रिया को बाधित करने की मंशा से मंत्री इरफ़ान अंसारी झूठी और खोखली धमकी दे रहें, ऐसे बयानों से डरने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं। आम जनता का उन्हें सहयोग अवश्य मिलेगा।


