रांची स्मार्ट सिटी परियोजना के विस्तार को लेकर झारखंड सरकार ने एक बड़ी पहल की है। सरकार ने रांची में स्मार्ट सिटी को विस्तार देने के लिए एचईसी से 500 एकड़ अतिरिक्त भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा है। यदि यह जमीन हस्तांतरित होती है, तो अनुमान है कि एचईसी को इसके बदले करीब 5500 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह राशि निगम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इस प्रस्ताव पर एचईसी प्रबंधन ने सक्रियता दिखाई है और जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एचईसी के एक अधिकारी के अनुसार, चिन्हित भूमि का पूरा प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। भारी उद्योग मंत्रालय की पहल से भूमि हस्तांतरण की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं। वर्तमान में धुर्वा क्षेत्र में लगभग 675 एकड़ भूमि पर ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी विकसित की जा रही है, जो पहले ही एचईसी द्वारा उपलब्ध कराई गई है। पर बढ़ते शहरीकरण और लंबी अवधि की विकास आवश्यकताओं को देखते हुए यह जमीन सीमित मानी जा रही है। स्मार्ट सिटी निगम के अनुसार, एचईसी के पास अब भी पर्याप्त अप्रयुक्त भूमि उपलब्ध है, जो विकास के अभाव में खाली पड़ी है और लगातार अतिक्रमण के खतरे में है। सरकार का सुझाव है कि अतिरिक्त 500 एकड़ भूमि शहरी विकास और आवास विभाग को हस्तांतरित की जाए ताकि रांची स्मार्ट सिटी का विस्तार किया जा सके।


