उनियारा ACJM कोर्ट ने नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसी के साथ नरेश मीणा के समर्थकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। नरेश समरावता प्रकरण में जेल में बंद है। अकेले नरेश मीणा की जमानत याचिका चार दिन पहले उनियारा ACJM कोर्ट में लगाई थी। गुरुवार को नरेश मीणा की जमानत पर सुनवाई हुई। लेकिन फैसला पेंडिंग रख लिया था। शुक्रवार को जज ने जमानत पर फैसला सुनाते हुए नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज कर दी। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा के खिलाफ देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एसडीएम से मारपीट करने समेत चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें SDM के थप्पड़ मारने के अलावा राजकार्य में बाधा डालने, आगजनी करने, पुलिस कर्मियों को चकमा देकर हिरासत से भागने का मामला दर्ज है। ज्ञात रहे कि 13 नवंबर को देवली उनियारा विधानसभा के लिए उपखंड चुनाव हुआ था। इसमें समरावता गांव के लोगों ने उनके गांव को उनियारा उपखंड कार्यालय में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रखा था। तीन जनों के जबरन वोट दिलाने का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने उप चुनाव में ड्यूटी पर तैनात SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। रात को नरेश मीणा को पकड़ने के मामले में पुलिस और ग्रामीण आमने सामने हो गए थे। स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, हवाई फायर किया था। आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इसमें दस पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने रात को ही 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरे दिन 14 नवंबर को 11 बजे पुलिस ने उसे धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया। 15 नवंबर को नरेश मीणा वीसी के माध्यम से और 52 अन्य आरोपियों को प्रत्यक्ष रूप से निवाई कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया। नरेश मीणा पर चार मुकदमे लगाए गए थे। अब तक समरावता प्रकरण में चार नाबालिग की जमानत डीजे कोर्ट टोंक से हुई है। अन्य 41 की जमानत याचिका डीजे कोर्ट ने गत दिनों खारिज कर दी। यह भी पढ़ें राजस्थान थप्पड़कांड; नरेश मीणा टोंक जेल में शिफ्ट: किरोड़ी ने कहा- टारगेटेड था मामला; वकील बोले- SDM ने थाने में निर्दलीय प्रत्याशी को पीटा राजस्थान के देवली-उनियारा (टोंक) में एसडीएम के थप्पड़कांड विवाद के बाद समरावता गांव में तीसरे दिन शुक्रवार को भी तनाव रहा। घटना के बाद जिला कलेक्टर डॉ सौम्या झा का पहला बयान सामने आया। इधर, नरेश मीणा को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए निवाई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। नरेश को शुक्रवार शाम कड़ी सुरक्षा के बीच मालपुरा थाने से टोंक जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान बस में सवार होते समय नरेश मीणा ने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। पढ़ें पूरी खबर ….


