दुर्ग जिला अब आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। शहर के सिविल लाइन्स में प्रदेश का पहला आईटी पार्क विकसित किया गया है। सोमवार को आईटी पार्क संचालन को लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच एमओयू पर आधिकारिक हस्ताक्षर हुए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, महापौर अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जिला प्रशासन एवं IIT भिलाई की टीम मौजूद रही। एमओयू पर IIT भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश और नगर निगम आयुक्त सुमीत अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। दुर्ग बनेगा तकनीकी हब : यादव
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि आईटी पार्क के जरिये दुर्ग अब तकनीकी हब बनकर उभरेगा। युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक सीखने के अवसर यहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि प्रदेश की बड़ी और आधुनिक कंपनियां दुर्ग पहुंच रही हैं। यह आईटी पार्क युवाओं के कौशल विकास और नवाचार को दिशा देगा। एक ही जगह पर आईटी की बड़ी-बड़ी कंपनियां होगी
IIT भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने बताया कि आईटी पार्क राज्य का पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां आईटी से जुड़ी सभी सेवाएं और रोजगार एक ही जगह पर होंगे। पार्क में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, एआई, रोबोटिक्स, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स और स्टार्टअप गतिविधियों पर विशेष फोकस किया जाएगा। अभी तक देश–प्रदेश की 35 कंपनियों ने यहां काम करने और स्टार्टअप शुरू करने में रुचि दिखाई है। पार्क में करीब 100 कंपनियों के लिए हमारे पास जगह है। हम चाह रहे हैं कि बड़ी-बड़ी और कंपनियां दुर्ग आए। हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा आईटी पार्क
सिविल लाइन्स में 3,900 वर्ग मीटर भूमि पर बने इस आईटी पार्क का निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्ग मीटर है। पहले से बने कामकाजी महिला छात्रावास को अत्याधुनिक आईटी पार्क में बदला गया है। भवन में 40 बड़े ऑफिस रूम, 5 मल्टीफंक्शन हॉल, मेस, और सुरक्षा के लिए पूरी बाउंड्रीवॉल बनाई जाएगी। हर ऑफिस में कंपनियों के संचालन के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। रोजगार पैदा करेगा आईटी पार्क
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि प्रतिभा हर जगह है, लेकिन अवसरों की कमी के कारण लोग बाहर जाते हैं। आईटी पार्क युवाओं के पलायन को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। दुर्ग में आईटी पार्क रोजगार पैदा करने में काफी अहम कड़ी साबित होगा। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी पार्क के शुरू होने से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि दुर्ग-भिलाई में डिजिटल इकोसिस्टम भी मजबूत होगा। स्थानीय कंपनियों को स्किल्ड मैनपावर मिलेगा और यहां के युवा वैश्विक मानक की तकनीकों पर काम कर सकेंगे।


