मकान बेचने के नाम पर सात लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सदर पुलिस थाने में पति-पत्नी व बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों ने मुकदमा दर्ज करवाने पर पीड़ित के बेटे को जान से मारने की भी धमकी दी थी। हेड कॉन्स्टेबल मदनलाल शर्मा ने बताया कि कोर्ट से प्राप्त इस्तगासे के जरिए दर्ज हुए मुकदमे में बनवारी लाल पुत्र बृजलाल जाट निवासी वार्ड 4, गांव सहजीपुरा ने बताया कि एक दिन रामचन्द्र पुत्र भागलाराम धानक निवासी वार्ड 1, सहजीपुरा व उसकी पत्नी उषा उसके पास आए। रामचन्द्र ने कहा कि कहा कि उसके नाम एक प्लॉट वार्ड 1, सहजीपुरा में है। इसमें मकान बना हुआ है। वह घरेलू जरूरत के कारण यह मकान बेचना चाहता है। इस पर वह उक्त मकान खरीदने के लिए राजी हो गया। रामचन्द्र ने 6 अगस्त 2021 को 7 लाख रुपए में उक्त मकान बेचने का सौदा उसके साथ किया और साई पेटे 4 लाख 22 हजार रुपए मौके पर प्राप्त कर लिए। इस संबंध में रामचन्द्र ने एक इकरारनामा लिखवाकर व नोटेरी पब्लिक से तस्दीक करवा कर उसे सुपुर्द किया। मकान का कब्जा भी उसे सौंप दिया। इकरारनामा पर उषा रानी ने भी अपनी सहमति प्रकट करते हुए अपने सहमति हस्ताक्षर किए। इकरारनामा में यह शर्त तय की गई कि मकान पर 2 लाख 78 हजार रुपए का लोन बकाया है। लोन की सभी बकाया किश्तें जमा करवाने की जिम्मेवारी उसकी थी और एनओसी प्रमाण पत्र जारी होने के बाद रामचन्द्र मकान का बैयनामा उसके पक्ष में करवा देगा। इसके बाद उसने मकान का पूरा लोन राशि जमा करवा दी। इसके बाद रामचन्द्र ने मकान की एनओसी बैंक से प्राप्त कर ली। एनओसी प्राप्त करने के बाद उसने रामचन्द्र से सम्पर्क कर मकान की रजिस्ट्री उसके पक्ष में करवाने को कहा तो रामचन्द्र व उसकी पत्नी ने रजिस्ट्री करवाने से मना कर दिया। एक दिन रामचन्द्र, उसकी पत्नी उषा रानी, पुत्र सचिन व विकास ने उसके पुत्र नवीन पाल, राजाराम व महेन्द्र के समक्ष कहा कि वे उनके पक्ष में मकान की रजिस्ट्री नहीं करवाएंगे। उन्हें तो अपने मकान का लोन चुकता करवाना था वो करवा लिया, हम न तो रजिस्ट्री करवाएंगे और न ही उनके रुपए वापस करेंगे। साथ ही धमकी दी कि अगर उसने मुकदमा दर्ज करवाया तो उसे व उसके पुत्र नवीन पाल को जान से मार देंगे। सचिन व विकास ने कहा कि हमने पहले भी कत्ल कर रखे हैं। हम आदतन अपराधी हैं। हमें थाने व कचहरी से डर नहीं लगता। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच हेड कॉन्स्टेबल मदनलाल शर्मा को सौंपी है।


