मंत्री आशीष पटेल बोले- मुझे कुछ हुआ तो STF जिम्मेदार:सीएम चाहें तो मेरी और अनुप्रिया की CBI जांच करा लें; डरने वाला नहीं

यूपी के प्राविधिक शिक्षा मंत्री और अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल अपनी ही सरकार पर हमलवार हैं। पटेल ने मंगलवार को X पर पोस्ट कर लिखा- यदि सामाजिक न्याय की लड़ाई में मुझे कुछ हुआ तो इसके लिए UP STF जिम्मेदार होगी। पटेल ने सूचना विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही 4 दस्तावेज भी पोस्ट किए। यह उनका 15 दिन के भीतर दूसरी पर योगी सरकार पर सीधा हमला है। आशीष ने फिर दोहराया कि सरदार पटेल का वंशज हूं, डरने वाला नहीं, लड़ने वाला हूं। हूबहू आशीष पटेल की पूरी पोस्ट पढ़िए… उत्तर प्रदेश के सबसे ईमानदार आईएएस अधिकारी और तत्कालीन प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा एम देवराज की अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति और शीर्ष स्तर पर सहमति के आधार पर हुई पदोन्नति के बावजूद राजनीतिक चरित्र हनन के लिए लगातार मीडिया ट्रायल अस्वीकार्य है। उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग को झूठ, फरेब एवं मीडिया ट्रायल का यह खेल आगे बढ़कर बन्द कराना चाहिए। यदि यह विभागीय पदोन्नति गलत है तो सूचना विभाग की तरफ से स्पष्टीकरण देना चाहिए। मैंने पहले भी कहा है और एक बार फिर कह रहा हूं कि मुख्यमंत्री यदि उचित समझें तो बार-बार के मीडिया ट्रायल, झूठ और फरेब के जरिए किए जा रहे मेरे राजनीतिक चरित्र हनन के इस दुष्प्रयास पर स्थायी विराम के लिए बतौर मंत्री मेरे द्वारा अब तक लिए गए सभी फैसलों की सीबीआई जांच करा सकते हैं। इतना ही नहीं मैं तो यहां तक कहता हूं कि लगे हाथ अगर उचित समझा जाए तो स्वयं मेरी तथा मेरी पत्नी और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री माननीय अनुप्रिया पटेल के सांसद-विधान परिषद सदस्य बनने के बाद अर्जित की गई संपत्ति की भी जांच करा ली जाए। पर्दे के पीछे सामाजिक न्याय की आवाज को कुचलने का खेल जारी है। वास्तव में पदोन्नति के इस मामले में कुछ लोगों के कलेजे में कांटा लगने का कारण उन ओबीसी और वंचित वर्ग को लाभ मिलना है, जिनके अधिकारों की सालों से हकमारी की जा रही थी। पोस्ट के साथ पदोन्नति की वर्ग-वार सूची देंखेंगे तो इसका अंदाजा हो जाएगा। ऐसे लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि इनके कलेजे में भविष्य में भी कांटा चुभता रहेगा। वह इसलिए कि इन झूठे तथ्यों, अफवाहों और मीडिया ट्रायल से अपना दल (एस) की सामाजिक न्याय की लड़ाई बंद नहीं होने वाली। हम अब पहले से भी अधिक शक्ति के साथ सामाजिक न्याय की आवाज बुलंद करते रहेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि लौह पुरुष सरदार पटेल का वंशज आशीष पटेल डरने वालों में नहीं, बल्कि लड़ने वालों में से है। अपने शुभचिंतकों के लिए एक विशेष बात कि यदि सामाजिक न्याय की इस जंग में मेरे साथ किसी प्रकार का षड्यंत्र/ दुर्घटना हुई तो इसकी सारी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स की होगी। आशीष पटेल ने 4 दस्तावेज जारी किए अमिताभ ठाकुर से शिकायत कराई
अपना दल के पदाधिकारी का कहना है कि सूचना विभाग ने बर्खास्त IPS अमिताभ ठाकुर से लोकायुक्त में उनकी शिकायत कराई है। उनका कहना है कि शिकायत में तत्कालीन एसीएस एम देवराज का नाम क्यों नहीं है। पदोन्नति तो एसीएस और एम.देवराज की मंजूरी से ही हुई है। उनका कहना है कि सूचना विभाग बार-बार उनके खिलाफ षड़यंत्र कर रहा है। यदि यह विभागीय पदोन्नति गलत है तो सूचना विभाग की तरफ से स्पष्टीकरण देना चाहिए I इसलिए उन्हें एक्स पर पोस्ट करना पड़ा है। एम.देवराज, अभी नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। प्राविधिक शिक्षा विभाग में पदोन्नति के समय वे ही उस विभाग के एसीएस थे। मुझे सुरक्षा नहीं दे रही सरकार
आशीष पटेल का कहना है कि सरकार उन्हें सुरक्षा नहीं दे रही है। उन्होंने पहले कई बार सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि एसटीएफ किस तरह काम करती है, यह सबको पता है। इसलिए लिखा है कि दुर्घटना या षड़यंत्र हुआ तो इसके लिए STF जिम्मेदार होगी। मंत्री के बगावत की वजह जानिए… मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने पॉलिटिकल कॉलेजों में प्रमोशन कर लेक्चरर्स को विभागाध्यक्ष बना दिया। इससे आरक्षित वर्ग के लेक्चरर्स विभागाध्यक्ष बनने से चूक गए। भाजपा विधायक मीनाक्षी सिंह ने मंत्री की शिकायत सीएम योगी से की है। सपा विधायक पल्लवी पटेल ने कहा- प्रमोशन में भारी घोटाला हुआ है। 250 लेक्चरर्स से 25-25 लाख रुपए की वसूली की गई। हालांकि, मंत्री आशीष ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप को बेबुनियाद बताया था। कहा- कमेटी की सिफारिश के अनुसार ही पदोन्नति की गई। 16 दिसंबर को आशीष पटेल ने दी थी इस्तीफे की धमकी आशीष पटेल ने 16 दिसंबर को इस्तीफे की धमकी दी थी। कहा था- मेरी राजनीतिक हत्या कराने की साजिश हो रही है। सीएम आरोपों की CBI से जांच करा लें। पीएम मोदी जिस दिन आदेश करेंगे, मैं एक सेकेंड में इस्तीफा दे दूंगा। रात साढ़े 11 बजे X पर 3 पोस्ट किए- क्या है पूरा मामला- अब अपना दल की योगी सरकार से बढ़ेगी तकरार…
अपना दल (एस) और योगी सरकार के बीच लोकसभा चुनाव के बाद से टकराव तेजी से बढ़ा है। जानकार मानते हैं- इसकी शुरुआत 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से ही हो गई थी। अपना दल (एस) का नेतृत्व इस बात से नाराज है कि सरकार की मशीनरी का चुनाव के दौरान व्यवहार ठीक नहीं था। सरकार के स्तर से भी कोई मदद नहीं मिली। तो यह टकराव अब और बढ़ेगा… राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्री आशीष पटेल ने एक महीने में दूसरी बार सरकार के खिलाफ बयान दिया है। इससे अपना दल (एस) और योगी सरकार के बीच अब टकराव बढ़ेगा। इससे पहले उनकी पत्नी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी संविदा और आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से सवाल खड़ी करती रही हैं। यदि यह टकराव समय रहते खत्म नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में दोनों ही दलों के लिए दिक्कत होगी। अपना दल (एस) और बीजेपी का गठबंधन केंद्रीय स्तर से हुआ है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि अपना दल भाजपा से नाता तोड़ेगा। क्योंकि मौजूदा परिस्थिति में बीजेपी के बिना अपना दल का राजनीतिक वजूद खास नहीं है। कब-कब अनुप्रिया ने उठाए सवाल 1- शिक्षक भर्ती में आरक्षण: बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में SC और OBC को आरक्षण के नियमानुसार लाभ न मिलने का मुद्दा अपना दल (एस) ने ही उठाया था। इस विवाद का आज तक हल नहीं निकला। जबकि, योगी सरकार नियमानुसार आरक्षण का लाभ देने का दावा कर रही है। 2- सीएम योगी को लिखा पत्र: अनुप्रिया ने 27 जून को मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा। इसमें आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में हो रही भर्ती में SC-ST और OBC के आरक्षण नियमों का पालन नहीं हो रहा। इन कैटेगरी के योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के नाम पर उनके पद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दिए जा रहे हैं। 3- प्रमुख सचिव का विवाद: प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल का विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज से विवाद हो गया। मंत्री आशीष पटेल ने एम. देवराज की ओर से किए जा रहे तबादलों पर आपत्ति जताई। मंत्री ने तबादले की पत्रावली मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी। नतीजा यह रहा कि विभाग में तबादला सत्र शून्य रहा। 4- मंच से आरक्षण का मुद्दा फिर उठाया: अपना दल (एस) के संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती पर लखनऊ में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान अनुप्रिया ने सरकारी विभागों की भर्ती में SC-ST और OBC के आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोकतंत्र में राजा EVM से पैदा होने की बात भी दोहराई। 5- टोल टैक्स का मुद्दा उठाया: अनुप्रिया ने वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर अहरौरा में अतिरिक्त टोल बूथ लगाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है- NHAI के नियमों के अनुसार एक टोल से दूसरे टोल के बीच की दूरी 40 किलोमीटर होनी चाहिए। लेकिन, मार्ग में 20 किलोमीटर की दूरी फत्तेपुर और अहरौरा में दो टोल प्लाजा लगाकर वाहन स्वामियों से गलत टोल वसूला जा रहा है। अब पढ़िए अपना दल की मजबूती और कमजोरी ——————————- ये खबर भी पढ़ें- राहुल-अखिलेश के रास्ते पर अनुप्रिया पटेल:लखनऊ में बोलीं- जाति जनगणना कराई जाए; एनडीए की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने जाति जनगणना की मांग की है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पहले ही जाति जनगणना की मांग करके भाजपा को घेर रहे हैं। इस तरह अब अनुप्रिया भी राहुल-अखिलेश की राह पर चल पड़ी हैं। इससे भाजपा की मुसीबत बढ़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर

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