पेरिस पैरालिंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जितने वाले जूडो एथलीट कपिल परमार को अर्जुन पुरस्कार के सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा की। जिसमें सीहोर के खिलाड़ी कपिल का नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए सिलेक्ट किया गया है। कपिल को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने जाने के बाद प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कपिल से फोन पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उन्हें बधाई भी दिया। प्रदेश के दो खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड जूडो एथलीट कपिल के साथ पैरा शूटर शुश्री रुबीना फ्रांसिस को भी को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। वह जबलपुर से हैं। उन्होंने भी पेरिस पैरालिंपिक में कांस्य पदक जीता था। कपिल को अर्जुन अवॉर्ड मिलने की घोषणा के बाद उनकी मां ने कहा- बता नहीं सकती मैं कितनी खुश हूं। हमेशा मैं यहीं कहती थी कि बेटा पीछे मत हटना कभी। पैरालिंपिक में रचा था इतिहास कपिल ने पेरिस पैरालिंपिक के पुरुष 60 किग्रा जे1 स्पर्धा के कांस्य पदक जीता था। उन्होंने ब्राजील के एलिएलटन डि ओलिवेरा को 10-0 से हराया मेडल अपने नाम किया था। कपिल ने इसके साथ ही इतिहास रच दिया था क्योंकि वह भारत के पहले जूडोका हैं, जिन्होंने पैरालंपिक या ओलंपिक में कोई पदक अपने नाम किया था। गोल्ड से चूके थे परमार ने क्वार्टर फाइनल में वेनेजुएला के मार्को डेनिस ब्लांको को 10-0 से शिकस्त दी थी, लेकिन सेमीफाइनल में ईरान के एस बनिताबा खोर्रम अबादी से पराजित हो गए थे। परमार को दोनों मुकाबलों में एक एक पीला कार्ड मिला था। कपिल भले ही स्वर्ण नहीं ला सके, लेकिन कांस्य पदक जीतने में सफल रहे थे। परमार ने 2022 एशियाई खेलों में इसी वर्ग में रजत पदक जीता था। करंट लगने से आंखों की रोशनी खोई थी पैरा जूडो में जे1 वर्ग में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो दृष्टिबाधित होते हैं या फिर उनकी कम दृष्टि होती है। 12 साल की उम्र में करंट लगने के कारण कपिल की आंखें 80 प्रतिशत तक खराब हो गई थीं।


