नेपानगर में करीब एक साल पहले रेलवे ओवरब्रिज बना था, लेकिन यह ओवरब्रिज अब तक नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हुआ है। इसे लेकर हाल ही में लोक निर्माण विभाग की सेतु निगम ईकाई ने नगर पालिका को पत्र लिखकर ब्रिज की बिजली व्यवस्था का संचालन अपने हाथ में लेने को कहा था। आधिपत्य में लेने से पहले नगर पालिका ने एक शर्त रखी है कि ब्रिज के नीचे जो स्पेस खाली है, वहां बड़े शहरों की तरह गोदाम और दुकानें बनाने की परमिशन दी जाए ताकि नगर पालिका की आय भी बढ़े। इसे लेकर नगर पालिका अध्यक्ष भारती पाटिल ने सेतु निगम को पत्र लिखने की बात कही है। नगर पालिका ही भर रही बिजली का बिल नगर पालिका अध्यक्ष भारती पाटिल ने कहा कि सेतु निगम हमें ऑवरब्रिज की बिजली व्यवस्था हैंडओवर करना चाहती है, जबकि अभी नगर पालिका ही ब्रिज पर लगी स्ट्रीट लाइट का बिल भर रहा है। ब्रिज के नीचे ब्लॉक में दुकानें, गोदाम बनाए जा सकते हैं। इससे नगर पालिका को की आय बढ़ेगी। करीब 20 गोदाम, दुकानें यहां बनाई जा सकती है। इसके लिए सेतु निगम को पत्र लिखा जाएगा। पीआईसी सदस्यों के साथ किया विजिट गुरुवार शाम 5 बजे नगर पालिका अध्यक्ष भारती पाटिल ने पीआईसी सदस्य, निगम इंजीनियरों, राजस्व विभाग की टीम के साथ ब्रिज का विजिट किया। उन्होंने कहा कि पत्र लिखकर सेतु निगम को इस मांग की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान राजस्व निरीक्षक दिलीप चौहान, इंजीनियर राजू कांबले, विजय कुशवाह, मोहन चौधरी, किशोर पाटिल, सोनू कटारिया, अमित साल्वे, जितेंद्र पाटील, कैलाश पटेल, राजेश पटेल आदि मौजूद थे। सेतु निगम इंजीनियर बोले- पत्र आने पर वरिष्ठ कार्यालय भेजेंगे सेतु निगम इंजीनियर अरूण गंगराड़े ने कहा कि हमने ब्रिज की बिजली व्यवस्था हैंडओवर करने के लिए पत्र लिखा था। अगर वह वहां गोदाम, दुकानें बनाना चाहते हैं तो पहले हमें पत्र दें। हम उसे वरिष्ठ कार्यालय को भेजेंगे। वहीं से फैसला होगा, क्योंकि गोदाम, दुकानें बनाने से ब्रिज की ड्राइंग, डिजाइन पर असर पड़ेगा। इसलिए वरिष्ठ कार्यालय ही कोई फैसला लेने में सक्षम होगा। स्थानीय स्तर पर हम कुछ नहीं कर पाएंगे।


