बालाघाट में 29 दिसंबर को कार में मिले युवक के शव मामले का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया। युवक की सुपारी देकर दोस्त ने ही हत्या कराई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, चिखला का रहने वाला दयानंद नगपुरे 26 दिसंबर से लापता था। तीन दिन बाद उसका शव भरवेली थाना क्षेत्र के रट्टा भानपुर-खुटिया में कार में मिला था। 3 लाख में मारने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था आरोपी भार्गव ईश्वरी सिहोरे (19) मृतक के गांव का ही रहने वाला है। दयानंद 3 लाख के बदले क्रिप्टो करेंसी में कमाए मुनाफे के 30 लाख मांग रहा था। भार्गव पैसे देना नहीं चाहता था। इसलिए उसने 3 लाख में कॉन्ट्रैक्ट देकर निलेश उर्फ जैकी सुलाखे, शंकर नगपुरे और कृष्णा रनगिरे को दयानंद को मारने की जिम्मेदारी सौंपी । आरोपियों ने कार में युवक का तार से गला घोंटा एसपी नगेन्द्रसिंह ने बताया कि 27 दिसंबर को कार से दयानंद और भार्गव सिहोरे साथ निकले थे। दयानंद को भार्गव ने बताया था कि क्रिप्टो करेंसी का मुनाफा कोई हमें खुटिया में देने वाला है। इसके बाद दोनों खुटिया पहुंचे। जहां पहले से मौजूद तीन कॉन्ट्रैक्ट किलरों को भार्गव ने दयानंद की गाड़ी में बैठाया और मौका पाकर भार्गव और जैकी ने दयानंद के गले में तार डालकर कस दिया। जिससे दयानंद झटपटाने लगा तो अन्य दो साथी कृष्णा और शंकर ने उसके पैर पकड़ लिए। इसके बाद दयानंद के शव को गाड़ी के सीट के नीचे डालकर आरोपी गाड़ी में जंगल के अंदर ले गए। दयानंद का मोबाइल और गाड़ी का एंड्रायड स्क्रीन लेकर तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर बाइक से लामता की ओर चले गए। वहीं भार्गव अपने घर लौट गया। फरार आरोपी हिमांशु बम्बुरे और रितेश माहुले कॉन्ट्रैक्ट किलर को भार्गव से मिलाया था। ये दोनों अभी फरार हैं। एसपी ने पुलिसकर्मियों को 10 हजार इनाम देने की घोषणा की है।


