बजट में घोषित हुई थीं 70 योजनाएं, दो दर्जन तो शुरू ही नहीं, अधिकतर अधूरी

झारखंड सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 70 योजनाएं शुरू करने की घोषणा की थी। लेकिन इनमें से अधिकतर योजनाएं अधूरी रह गईं। दो दर्जन से अधिक योजनाओं की तो शुरुआत ही नहीं हो पाई। वहीं करीब एक दर्जन घोषणा पर पिछले महीने विभाग की ओर से स्वीकृति आदेश ही जारी किया गया है। योजनाओं पर काम न हो पाने की वजह से अब तक बजट की सिर्फ 55 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है। जबकि तीन महीने में यह वित्तीय वर्ष खत्म हो जाएगा। इसके पीछे चुनाव एक बड़ा कारण रहा है। पहले लोकसभा चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव के दौरान करीब पांच महीने तक राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रही। इससे नया काम शुरू नहीं हो पाया। फिर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए दूसरे विभागों की राशि सरेंडर करवा दी गई। और विकास पर विराम लग गया। 1. अबुआ आवास योजना: अबुआ आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 4.50 लाख परिवारों को आवास देना था। इसमें लाभार्थियों को पांच किस्तों में दो-दो लाख रु. की सहायता दी जानी थी। स्थिति क्या: सिर्फ 3.38 लाख आवास के लिए स्वीकृति आदेश जारी हुआ है। अब तक निर्माण नहीं। 2. रांची में मेडिकल कॉलेज: रांची में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की गई थी। रिम्स का सुदृढ़ीकरण और मेडिकल सिटी के निर्माण की भी योजना थी। इसका मकसद अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम करना था। स्थिति क्या: हाल ही में पैसों का आवंटन हुआ है। काम शुरू करने की प्रक्रिया अभी चल ही रही है। 3. 1200 तालाबों का जीर्णोद्धार: 1200 तालाबों का जीर्णोद्धार करना था। 1500 डीप बोरिंग और 4000 परलोकेशन टैंक का भी निर्माण होना था। जल संरक्षण व बंजर भूमि को खेती के लायक तैयार कर कृषि उपज बढ़ाना मकसद था। स्थिति क्या: योजना की शुरुआत नहीं हुई है। इसे शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। वित्त मंत्री ने कहा… बजट में घोषित योजनाएं सरकार की प्राथमिकता 4. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में 1000 किमी सड़क बननी थी। ताकि ग्रामीणों के लिए यातायात सुगम हो पाए। पर योजना पूरी नहीं हुई। स्थिति क्या: कुल 709 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो पाया है। शेष के लिए प्रक्रिया जारी है। जानिए… बजट में घोषित छह बड़ी योजनाओं का हाल 5. ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 5000 किमी सड़क की मरम्मत की जानी थी। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत खराब है। अच्छी सड़क बनने से सफर में आसानी होती। स्थिति क्या: अब तक सिर्फ 1884 किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हो पाया है। 6. मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत राज्य में 70 पुल बनने थे। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 200 पुल का निर्माण होना था। ताकि गांव की शहर से कनेक्टिविटी बनी रहे। स्थिति क्या: पीएमजीएसवाई के तहत 16 और ग्राम सेतु योजना के तहत 51 पुल ही बने।

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