पुलिस ने उठाया कंप्यूटर अध्यापक जोनी:डीसी कार्यालय के बाहर 8 दिन से भूख हड़ताल पर थे; बिगढ़ रही थी हालत

संगरूर में डीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे कंप्यूटर अध्यापक जोनी सिंगला को पुलिस प्रशासन ने रात 11 बजे हिरासत में ले लिया। जोनी सिंगला अपनी मांगों के समर्थन में मरन व्रत पर बैठे थे। यह घटना उस समय हुई जब अध्यापक संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आम आदमी पार्टी सरकार चुनाव के दौरान किए वादे पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। कंप्यूटर अध्यापकों ने बताया कि रात 11 बजे सभी टैंटों में सोए हुए थे। इसी दौरान 150 के करीब पुलिसकर्मी पहुंचे और मरण व्रत पर बैठे जोनी सिंगला को साथ ले गए। अध्यापकों ने जब पुलिस को रोकने का प्रयास किया तो सभी के साथ धक्का-मुक्की की गई। जिस किसी ने वीडियो बनाने की कोशिश की, उनके मोबाइल भी पुलिस साथ ले गई। अध्यापकों ने साफ किया है कि ये प्रदर्शन अभी भी जारी रहेगा। 120 दिन से हड़ताल पर बैठे अध्यापक कंप्यूटर टीचर अपनी मांगों को लेकर 120 दिनों से डीसी ऑफिस के बाहर बैठे हुए हैं। कंप्यूटर टीचर जॉनी सिंगला पिछले आठ दिनों से आमरण अनशन पर थी, उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। जोनी सिंगला और अन्य प्रदर्शनकारी अध्यापक पंजाब सरकार से कंप्यूटर अध्यापकों को शिक्षा विभाग में स्थानांतरित करने, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने और अन्य वित्तीय लाभ देने की मांग कर रहे थे। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों में रोष है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया और विरोध को और तेज करने की चेतावनी दी है। सरकार पर बातचीत ना करने का आरोप लगा रहे अध्यापक कंप्यूटर अध्यापकों ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार का कोई भी प्रतिनिधि उनकी सुध नहीं ले रहा है। लेकिन जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, ये हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों की मांग छठे वेतन आयोग के तहत पूर्ण लाभ के साथ उनकी सेवाओं को तत्काल नियमित करने और शिक्षा विभाग में उनका विलय करना है। सरकार पर विश्वासघात का आरोप प्रदर्शन कर रहे एक शिक्षक ने बताया कि पिछले 19 सालों से शिक्षक अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। पंजाब चुनाव से पहले सभी नेताओं ने उन्हें छठे वेतन आयोग के लाभ समेत टीचर्स के सभी अधिकार बहाल करने का आदेश दिया था, लेकिन कोई भी वादे पूरे नहीं हुए। उन्होने सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया और मांग नहीं मानने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

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