भास्कर संवाददाता | पाली पाली से संभाग का दर्जा खत्म करने के बाद नगर निगम का दर्जा बरकरार रखा जा सकता है। लोगों की नाराजगी को देखते हुए डेमेज कंट्रोल के तहत ऐसे संकेत मिल रहे हैं। लिहाजा पुन:सीमांकन व परिसीमन का नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आसपास के गांवों को जोड़कर निगम का दायरा और आबादी बढ़ा सकते हैं। पूर्व में 26 नवम्बर 2024 के जारी कार्यक्रम में वार्ड परिसीमांकन के लिए संशोधित नया कार्यक्रम जारी किया है। परिसीमांकन उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट पाली, मारवाड़ जंक्शन, सोजत, सुमेरपुर व सहायक नोडल अधिकारियों आयुक्त नगर निगम, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका मारवाड़ जंक्शन, सोजत, सुमेरपुर को निर्देश जारी किए हैं। लोगों में यह भी संशय हो गया था कि नगर निगम नहीं रहेगा। गाइडलाइन के मुताबिक संभाग मुख्यालय या 5 लाख की जनसंख्या अनिवार्य है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने नगर निगम को यथावत रखने की बात कहते हुए उसके दायरे को भी बढ़ाने का दावा किया था। एसडीएम व नोडल अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत का कहना है कि परिसीमन व पुन:सीमांकन को लेकर नया कार्यक्रम जारी हुआ है। पॉलिटिकल डेमेज कंट्रोल के तहत आसपास के 5 से 10 किमी के दायरे में आने वाले गांवों को नगर निगम में शामिल किया जा सकता है। ग्राम पंचायतों के शामिल करने के बाद जनसंख्या बढ़ जाएगी। इसके बाद भी सरकार विशेषाधिकार के तहत रास्ता निकाल सकती है। अभी कैबिनेट ने जिला परिषद, पंचायत समिति व ग्राम पंचायतों का भी परिसीमन व पुन: सीमांकन करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के मुख्यालय सहित गांव भी बदल सकेंगे।


