म्यूटेंट होकर वायरस हुआ खतरनाक:फीवर कम, पहली बार गले में छाले, आंखों में धुंधलापन आ रहा

भास्कर एक्सक्लूसिव – जांच कराए बिना दवा या घरेलू उपाय नमक के गरारे करने से बिगड़ रही स्थिति तेज ठंड में फ्लू, वायरल, सर्दी-खांसी होना आम है। लेकिन इस बार वायरल फीवर का वायरस ज्यादा खतरनाक है। संक्रमण के बाद बुखार ताे कम आ रहा है। गले में दर्द, गले व मुंह में छाले या अल्सर और बदन दर्द हो रहा है। कुछ लोगों को कम दिखने या धुंधलेपन की भी शिकायत हो रही है। ऐसे में बगैर जांच कराए दवाएं लेने या घरेलू उपाय नमक के गरारे करने से स्थिति बिगड़ रही है। गले का अल्सर बढ़ रहा है और बोलने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसा वायरस के म्यूटेशन के कारण हो रहा है। मुख्य रूप से तीन वायरस ही हैं, जो संक्रमित करते हैं। इनमें इन्फ्लूएंजा, आरएसपी व कोविड-19 हैं। इनमें म्यूटेशन होता रहता है। इससे वायरस ज्यादा खतरनाक होता है। क्योंकि उसके नए स्वरूप के विरुद्ध हमारे शरीर में प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती। जब तक यह विकसित होती है। तब तक वायरस नुकसान ज्यादा कर चुका होता है। कोरोना वायरस भी इसीलिए ज्यादा खतरनाक हुआ था। इस बार फ्लू के वायरस में भी म्यूटेशन होने के लक्षण दिख रहे हैं। केस-1 घर में इलाज किया तो बढ़ा गले में दर्द जगदीश पटेल, 52 साल तिली वार्ड। इन्हें दिसंबर के पहले हफ्ते में पहले सर्दी हुई। गले में दर्द था। दो दिन बाद खांसी शुरू हुई। गर्म पानी व नमक के गरारे किए। स्थानीय डॉक्टर से दवाएं ली तो उन्होंने तीन-तीन टेबलेट दो समय खाने के लिए दी। सर्दी ठीक हो गई। गले में दर्द बढ़ गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को उनकी क्लिनिक पर दिखाया। उन्होंने पुरानी दवाएं बंद कर दी। दो टेबलेट रोज के हिसाब से तीन दिन की दवा दी। साथ ही आराम करने कहा। इसके बाद सुधार हुआ। केस-2 आवाज दबी, आठ दिन में मिली राहत प्रमोद तिवारी 28 साल वृंदावन वार्ड। इन्हें करीब 15 दिन पहले बुखार आया। पेरासिटामोल टेबलेट ली। बुखार उतर गया। गले में दर्द लग रहा था। सोचा सर्दी के कारण ऐसा लग रहा है। दो दिन बाद फिर हल्की ठंड लगी। इस बार रात का समय था तो लगा कि ठंड बढ़ी इसलिए बुखार की तरह लग रहा। काढ़ा पीया। सर्दी तो सूख गई, लेकिन गले में दर्द बना रहा। गरारे किए तो आवाज कम हो गई। इसके बाद फैमिली डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कुछ दवाएं दी और हल्के भोजन के साथ पानी खूब पीने कहा। 8 दिन बाद अब स्थिति ठीक हुई। केस-3 दवा से सर्दी हुई दूर तो आवाज बंद हो गई रागिनी मिश्रा 42 साल गुलाब कॉलोनी। 10 दिन पहले सुबह जल्दी ऑफिस जाने के लिए ठंडे पानी से नहा लिया। इसके बाद सर्दी हुई। तीन दिन बाद गले में दर्द बढ़ गया। गर्म पानी के गरारे किए तो आवाज निकलना बंद हो गई। भोजन में भी समस्या होने लगी। निजी अस्पताल में जाकर दिखाया तो सब कुछ ठीक था। डॉक्टर ने 5 दिन की दवाएं दीं। बताया कि गरारे करने से गले में छाले हो गए हैं। नारियल पानी पीएं। आराम करें। साथ ही दवाएं लें। हल्का भोजन करें। दो दिन बाद आवाज वापस आई। केस-4 8 दिन में ठीक हुआ आंखों का धुंधलापन संध्या पांडेय 38 साल परकोटा वार्ड। 8 दिन पहले बुखार आया। मेडिकल से गोलियां लेकर खाई। ठीक नहीं हुआ। मलेरिया टेस्ट कराया तो नहीं निकला। इसके बाद आंखों में समस्या हुई। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने वायरल इन्फेक्शन बताया। 3 दिन के लिए 3-3 टेबलेट खाने के लिए दी। पहले सर्दी ठीक हुई। 3 दिन बाद फिर जांच कराई और डॉक्टर को आंखों में समस्या होने की बात बताई। तब डॉक्टर ने बताया कि आंखों में भी समस्या वायरल से हो सकती है। 8 दिन दवा लेने के बाद स्थिति ठीक हुई है। इस बार गले में घाव या अल्सर बन रहा
वायरस अपने स्वरूप में बदलाव करता रहता है। ऐसा अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को बचाए रखने के संघर्ष के कारण होता है। जब वायरस का नया स्वरूप आता है तो उसके संक्रमण के क्या लक्षण होंगे यह नहीं कहा सकता। इस बार भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है। वायरल इन्फेक्शन में गले में अल्सर देखने को मिल रहा है। ऐसे में लोग नमक के गरारे कर ले रहे हैं। इस कारण स्थिति बिगड़ रही है। कुछ लोग बगैर जांच कराए ही दवा ले रहे हैं। इस कारण वायरल संक्रमण कम होने के बजाय अन्य समस्या पैदा कर रहा। बीते साल वायरस संक्रमण के कारण मुझे खुद आंखों में समस्या हुई थी। करीब 8 दिन बाद ठीक से दिखा।
अभिषेक जैन, संक्रामक रोग विशेषज्ञ

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