अजमेर के पुष्कर में एंटी करप्शन ब्यूरो(ACB) की टीम ने जूनियर इंजीनियर(JEN) को रिश्वत लेते पकड़ा। इस बीच JEN का चचेरा भाई रिश्वत के 2 लाख रुपए लेकर भाग गया। पुष्कर नगर परिषद में कार्यरत जूनियर इंजीनियर रामनिवास मीणा (46) ने टेंडर प्रक्रिया में बिल पास करने के लिए 2.60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। 21 फरवरी को JEN ने परिवादी को मेला मैदान के सामने स्थित सरकारी आवास पर बुलाया। जेईएन ने नगर परिषद में जमादार ही चचेरे भाई महेश मीणा (35) को रिश्वत के 2 लाख रुपए दिलवाए। इसी दौरान एसीबी की टीम मौके पर पहुंच गइ। टीम ने JEN को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि उसका चचेरा भाई घूस की राशि लेकर फरार हो गया। रामनिवास मीणा का ट्रांसफर एक महीने पहले दौसा नगर परिषद में हो चुका था। मगर उसे रिलीव नहीं किया गया था। मामले को लेकर पुष्कर नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। 3 पॉइंट में समझिए पूरा घटनाक्रम… 1. 2.60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी
भीलवाड़ा एसीबी की डीएसपी पारसमल पंवार ने बताया- जेईएन रामनिवास मीणा ने ठेकेदार विष्णु गुप्ता से नगर परिषद में कराए गए काम के बिल और क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट के साथ फोटो पर साइन के एवज में 2.60 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। 2. 2.50 लाख में ठेकेदार के साथ बातचीत हुई
जेईएन से पूछताछ में सामने आया कि ठेकेदार का 12 लाख 33 हजार रुपए बकाया बिल था। 8.50 लाख रुपए का पेमेंट हो चुका था। जेईएन रामनिवास मीणा ने 2 लाख रुपए की डिमांड की थी। साथ ही सहायक अभियंता (एईएन) मुकेश चौहान हाल स्वायत्त शासन विभाग जयपुर (एपीओ) के लिए क्वालिटी कंट्रोल और मौके के फोटो पर साइन के एवज में 60 हजार रुपए की डिमांड अलग से किए थी। कुल मिलाकर ठेकेदार विष्णु गुप्ता से 2.50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। 3. पैसे लेकर जयपुर चला गया अधिकारी
एसीबी ने बताया-16 फरवरी को मामले का वेरिफिकेशन किया गया। ठेकेदार विष्णु गुप्ता से जेईएन ने 50 हजार रुपए की रिश्वत एईएन मुकेश चौहान को दिलाई, जो कि पैसे लेकर जयपुर चला गया था। 21 फरवरी को जेईएन ने ठेकेदार को 2 लाख रुपए लेकर मेला मैदान के सामने स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर बुलाया। जेईएन ने अपने चचेरे भाई महेश मीणा को पैसे दिला दिए। डीएसपी पारसमल पंवार ने बताया- एसीबी की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी जेईएन ने पैसे पहुंचाने के मामले में कई लोगों के नाम लिए हैं। जिसकी जांच की जा रही है।


