राजस्थान एटीएस व एसओजी एडीजी विजय कुमार (वीके) सिंह ने कहा- जालोर जिले में पेपरलीक मामले में अभी भी 500 से 1000 लोग ऐसे हैं, जो कभी भी जेल जा सकते हैं। उन्होंने जालोर कोतवाली में शनिवार शाम मीडिया से बात की। एसओजी एडीजी विजय कुमार शनिवार को जालोर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। शनिवार सुबह 8 बजे उन्होंने पुलिस लाइन ग्राउंड में पुलिस परेड का निरीक्षण किया। सुबह 11 बजे पुलिस लाइन हॉल में पुलिस कॉन्स्टेबल और अधिकारियों के साथ सम्पर्क सभा हुई। इसमें कॉन्स्टेबल और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान होने वाली समस्याओं को लेकर भी चर्चा की। इसके बाद शाम 5 बजे कोतवाली थाने में सीएलजी की बैठक ली। राजस्थान में हुई रीट, एसआई और अन्य परीक्षाओं में पेपरलीक का कनेक्शन जालोर से निकला। ऐसे में गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों को लगातार गिरफ्तार किया गया। यह क्रम जारी है। दो साल पहले सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में पटवारी घमाराम खिलेरी को गिरफ्तार किया गया था। जालोर के मालवाड़ा का रहने वाला घमाराम पुत्र पूनमाराम खिलेरी 2012-13 की पटवारी भर्ती परीक्षा में पास होने के बाद नकल गिरोह के जरिए 150 लोगों को नौकरी लगवा चुका था। इसी तरह नकल गैंग ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में कई लोगों को नौकरी लगवाई। सांचौर के सरनाउ की रहने वाली वर्षा विश्नोई खुद जोधपुर में स्कूल लेक्चरर थी। 30 लाख रुपए के लालच में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में अपनी ही रिश्तेदार 2 बहनों के लिए वह डमी कैंडिडेट बन गई। ऐसे कई केस कई परीक्षाओं के लीक मामले में चल रहे हैं। जालोर-सांचोर की गैंग के कई मेंबर, कई अभ्यर्थी, कई डमी कैंडिडेट रडार पर हैं, जिनका जिक्र जालोर में एडीजी विजय कुमार ने शनिवार को किया। पेपर लीक को लेकर भजनलाल-गहलोत में वार-पलटवार
27 मार्च को भरतपुर में अंत्योदय कल्याण समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा था- 5 साल तक पेपर लीक होते रहे और आप होटलों में सोते रहे। हमारे समय पेपर हुए, लेकिन एक भी लीक नहीं हुआ। हर दिन पेपर लीक करने वाले पकड़े जा रहे हैं। यह चलता रहेगा, रुकने वाला नहीं है। भजनलाल शर्मा के बयान पर अशोक गहलोत ने पलटवार कर सोशल मीडिया पर लिखा था- 2013 से 2018 तक भाजपा सरकार में 13 पेपर लीक हुए। सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। अभ्यर्थी जब कोर्ट में गए तब जाकर पेपर लीक पर संज्ञान लिया गया। इस कारण यह पेपर लीक माफिया राज्य में पनपता गया। पेपरलीक पर बोलने से पहले भाजपा नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। पेपर लीक की ये खबरें भी पढ़िए…


