हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर लगातार जारी है। रविवार तड़के झुंझुनूं पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) जयपुर ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। जिले के 15 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध हथियार, जिंदा कारतूस बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एडीजी एम.एन. दिनेश के निर्देशन में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (AGTF) एम.एन. दिनेश और महानिरीक्षक पुलिस (जयपुर रेंज) एच.जी. राघवेन्द्र सुहासा के निर्देशन में संपन्न हुई। झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) ने बताया कि अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास कायम करने के उद्देश्य से अलसुबह 4:00 बजे ही 12 विशेष टीमें मैदान में उतार दी गई थीं। इस ऑपरेशन में AGTF के निरीक्षक, उपनिरीक्षक और ERT कमांडो सहित करीब 150 जवानों का जाप्ता शामिल रहा। पिस्टल और कारतूसों का जखीरा बरामद पुलिस की टीमों ने सूरजगढ़, पिलानी, खेतड़ी, खेतड़ी नगर, मेहाड़ा और बबाई थाना क्षेत्रों में सक्रिय वांछित अपराधियों के घरों को घेर लिया।
खेतड़ी में बड़ी बरामदगी: पुलिस ने हार्डकोर अपराधी अनिल उर्फ सुनील (निवासी चिरानी) के भाई विक्रम गुर्जर के कब्जे से पिस्टल के 28 जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियार के साथ गिरफ्तारी: वहीं, एक अन्य हार्डकोर अपराधी संजय उर्फ बच्चीया के भाई निखलेश को एक देशी पिस्टल और 03 जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथों दबोचा गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों और कारतूसों का उपयोग किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। सक्रिय अपराधियों के ठिकानों पर खलबली हथियारों की बरामदगी के अलावा पुलिस ने सूरजगढ़ क्षेत्र में भी दबिश दी। यहां सक्रिय अपराधी श्रवण भालोठिया और उसके घर पर मौजूद तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस टीम ने वांछित अपराधी नितिन भड़िया के घर पर भी छापेमारी की, हालांकि वह मौके पर नहीं मिला। इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई इस ऑपरेशन का नेतृत्व जिला स्तर पर देवेन्द्र सिंह राजावत (एडिशनल एसपी, झुंझुनूं), विकास धींधवाल (डीएसपी चिड़ावा), और जुल्फीकार अली (डीएसपी खेतड़ी) ने किया। वहीं AGTF की ओर से डीएसपी रविन्द्र प्रताप और भंवरलाल के नेतृत्व में निरीक्षक और जवानों ने मोर्चा संभाला।


