AMU शिक्षक की हत्या से पहले हुई हथियारों की सप्लाई:एएमयू के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे भी थे खराब, बैकअप में तैनात थे दो अन्य हमलावर

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के एबीके बॉयज कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि यह एक पूरी तरह से सुनियोजित और प्रोफेशनल प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया मर्डर था। पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हत्या की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, 24 दिसंबर को हत्या से पहले दानिश की कई दिनों तक रैकी की गई, इसके बाद हथियारों की सप्लाई हुई और फिर तय रणनीति के तहत गोली मारकर हत्या की गई। हमले के दौरान सिर्फ दो शूटर ही नहीं, बल्कि दो अन्य बदमाश बैकअप के तौर पर मौके पर मौजूद थे, जिनका काम भीड़ के हस्तक्षेप की स्थिति में मोर्चा संभालना था। एसएसपी नीरज कुमार जादौन का कहना है कि पुलिस के पास अहम सुराग हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आए तीन बड़े एंगल 1. सालों पुराना दोस्ती का विवाद जांच में एक पुराना विवाद सामने आया है, जो करीब आठ से दस साल पहले का बताया जा रहा है। बताया गया कि किसी बात पर राव दानिश का अपने ही दोस्त से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि रेलवे रोड पर दानिश ने अपने दोस्त की उसकी पत्नी के सामने पिटाई कर दी थी। पुलिस इस एंगल को गंभीरता से खंगाल रही है। 2. करोड़ों के प्रॉपर्टी मुनाफे का झगड़ा दूसरा एंगल प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। राव दानिश प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, वह एक प्रॉपर्टी में पार्टनर थे, जिसे कुछ महीने पहले बेचा गया था। इस डील से करोड़ों रुपये का मुनाफा हुआ, लेकिन हिस्सेदारी की रकम न मिलने पर दानिश और उसके पार्टनर के बीच विवाद चल रहा था। 3. निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शिकायत तीसरा मामला अमीरनिशा क्षेत्र में बन रही एक बहुमंजिला इमारत से जुड़ा है। दानिश और उसके कुछ साथियों ने इस निर्माण की शिकायत की थी, जिसके बाद काम रुक गया। पुलिस जांच में यह एंगल भी सामने आया है। हत्या से 15 दिन पहले मिली थी धमकी हत्या से करीब 15 दिन पहले, स्कूल में रहते हुए राव दानिश के पास एक फोन कॉल आई थी। कॉल के दौरान थोड़ी ही देर में बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, फोन करने वाले ने दानिश को धमकी दी थी। जवाब में दानिश ने कहा था– ‘तुम जानते हो, मुझे राव दानिश कहते हैं।’ रैकी के बाद रची गई पूरी प्लानिंग हत्या की CCTV फुटेज और हमलावरों के भागने का तरीका साफ बताता है कि शूटर AMU कैंपस और उसके रास्तों से पूरी तरह वाकिफ थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पान वाली कोठी से लेकर कैंपस के भीतर तक करीब पांच बार रैकी की गई। सूत्रों का दावा है कि हमलावर अलीगढ़ से जुड़े हुए हैं और पहले भी संगीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। हत्या से पहले 6 पिस्टलों की डिलीवरी पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या से दो दिन पहले अलीगढ़ के केला नगर इलाके के पास 6 पिस्टलों की सप्लाई हुई थी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर वाहनों की व्यवस्था की गई थी। इनमें एक नीले रंग की स्कूटी और एक काली रंग की बाइक थी। गोली मारकर बदली मैगजीन, चेहरे से हटाया मास्क 24 दिसंबर को राव दानिश अपने दो साथियों शाहिद उर्फ भोलू और शिक्षक इमरान के साथ कैनेडी पार्क से निकल रहे थे। तभी हमला हुआ। पहली गोली चलते ही दोनों साथी जान बचाकर भाग गए। CCTV फुटेज के मुताबिक एक आरोपी लगातार गोलियां मारता रहा और दूसरा उसे कवर देता रहा। आरोपी ने चेहरे से मास्क हटाया, मौके पर ही मैगजीन बदली। वहीं, अब पुलिस ने सवाल उठाया है कि गोली मारते ही भाेलू भागा तो उसने बदमाशों को यह कहते कैसे सुना– ‘अब तो पहचानोगे न…’ 20 फीट दूर था मूंगफली बेचने वाला मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास वर्षों से मूंगफली और पॉपकॉर्न बेचने वाला एक व्यक्ति घटना के समय वहीं मौजूद था। उसकी ठेला घटनास्थल से महज 20 फीट दूर थी। गोली चलते ही उसने वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला, लेकिन तभी एक बदमाश ने दूर से पिस्टल दिखाकर धमकाया, जिसके बाद वह मोबाइल फेंककर भाग गया। एक्सीडेंट ने दिया बदमाशों को मौका घटना से कुछ ही देर पहले, मौलाना आजाद लाइब्रेरी चौराहे पर घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर एक एक्सीडेंट हो गया था। इस वजह से बड़ी संख्या में छात्र वहीं इकट्ठा हो गए। इस अफरा-तफरी का फायदा हमलावरों को मिला। वहीं दो अतिरिक्त बदमाश बैकअप में तैनात थे, ताकि भीड़ पीछा करे तो वह रोक सकें। कैंपस के रास्तों से फरार हुए हमलावर हत्या के बाद हमलावर सुलेमान हॉल, NCC ऑफिस वाली गली से होते हुए टूटी बाउंड्री पहुंचे। यहां से VIP स्ट्रीट होते हुए जमालपुर ईदगाह पहुंचे। यहां थोड़ी देर रुकने के बाद वे सेंचुअरी गेट के सामने से पुरानी चुंगी वाले पुल की तरफ निकल गए। पुलिस को उनकी लोकेशन पुल से पहले तक मिली है। आशंका है कि वे राइडिंग क्लब की ओर मुड़ गए। एएमयू के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे थे खराब हत्याकांड के बाद जब पुलिस जांच में जुटी तो एएमयू में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे भी खराब मिले। इस पर पुलिस ने भी सवाल उठाया है। उधर, प्रॉक्टर वसीम अली का कहना है कि मेंटिनेंस न होने के कारण कैमरों में खराबी आ गई थी। अब उन्हें सही कराना शुरू कर दिया है।

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