राजस्थान के अंता (बारां) से भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने आज ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उन्हें 20 साल पुराने केस में 7 मई को 3 साल की सजा सुनाई गई थी। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को कंवरलाल की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया था। उन्हें दो सप्ताह में ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने राहत नहीं मिलने के बाद ट्रायल कोर्ट ने 9 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। सबसे पहले जानिए- वो मामला जो विधायक के गले की फांस बना कंवरलाल मीणा का राजनीतिक सफर… माफी बचा सकती है विधायकी?:राज्यपाल के पास है पावर, एक्सपर्ट से जानिए- बीजेपी MLA कंवरलाल केस में क्या हैं नियम एक बार दोषमुक्त हुए, फिर फैसला पलटा ACJM कोर्ट मनोहर थाना ने 2 अप्रैल 2018 को मामले में दोषमुक्त कर दिया गया था। अपीलेंट कोर्ट अकलेरा ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी मना। 14 दिसंबर 2020 को 3 साल की सजा सुनाई थी। आदेश के मुताबिक 21 मई को सरेंडर करना था। ऐसा नहीं करने पर पुलिस गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करती। ADJ के फैसले के खिलाफ अंता (बारां) विधायक कंवरलाल ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने भी कंवरलाल की याचिका को खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी दलीलों को खारिज किया था 7 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस संजय करोल की बेंच में सुनवाई हुई थी। विधायक के वकील नमित सक्सेना ने कहा था कि रिवॉल्वर की कोई बरामदगी नहीं हुई है। ऐसे में क्रिमिनल फोर्स का कोई मामला नहीं बनता है। जिस वीडियो कैसेट को तोड़ने और जलाने की बात कही गई है, उसे भी पुलिस ने बरामद नहीं किया है। ऐसे में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी यहां नहीं बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए दो सप्ताह में ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने कहा था- आपराधिक पृष्ठभूमि को नजरअंदाज नहीं कर सकते इससे पहले, हाईकोर्ट ने भी अपील खारिज करते हुए कहा था कि कंवरलाल ने खुद को राजनीतिक व्यक्ति बताया और कानून की रक्षा के बजाय उसकी अवहेलना की। उसके खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज थे। भले ही अधिकतर में वह दोषमुक्त हुआ हो, लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि को दरकिनार नहीं किया जा सकता। राज्यपाल से स्पीकर और सीएम की मुलाकात के बाद दया याचिका पर चर्चा तेज इधर, कंवरलाल मीणा की विधायकी को लेकर चल रहे विवाद पर फिलहाल बीजेपी से लेकर सरकार तक में कोई बोलने को तैयार नहीं है। इस बीच राज्यपाल से विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी और सीएम भजनलाल शर्मा ने मुलाकात की है। सीएम और स्पीकर की राज्यपाल से मुलाकात को कंवरलाल मीणा के प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई कुछ भी नहीं बोल रहा है। …. कंवरलाल मीणा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जूली बोले-स्पीकर कंवरलाल मामले में कुंडली मारकर बैठे हैं:डोटासरा ने कहा-देवनानी आरएसएस-बीजेपी के कहने पर काम कर रहे राजस्थान विधानसभा में बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की अयोग्यता के मामले में स्पीकर वासुदेव देवनानी पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़िए…


