अजमेर में बैंक ऑफ़ बड़ोदा की ओर से अपने कस्टमर के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बैंक के जॉइंट मैनेजर ने दूसरे कस्टमर की एफडी का ब्याज आरोपी कस्टमर के अकाउंट में ट्रांसफर होने पर उसे विड्रोल कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बैंक प्रतिनिधि की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार बैंक ऑफ़ बड़ौदा के जॉइंट मैनेजर रामस्वरूप मीणा की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि डीआरएम कार्यालय रेलवे अजमेर के पास एक ब्रांच है। उनके बैंक के कस्टमर राजेंद्र कुमार चौहान ने अप्रैल 2023 में 10-10 लाख के तीन एफडीआई सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के तहत बनवाकर उसका ब्याज अपने अकाउंट में डालने के निर्देश दिए थे। बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि उनके बैंक के अन्य कस्टमर गुर्जर टीला निवासी भरत पुत्र नारायण का भी उनके बैंक में अकाउंट है। जो राशि कस्टमर राजेंद्र कुमार के प्रत्येक 3 महीने में ट्रांसफर की जानी थी वह राशि कस्टमर भरत के अकाउंट में जाति रही। आरोपी कस्टमर के द्वारा उस राशि को अपने अकाउंट से विड्रोल कर लिया जाता रहा। जॉइंट मैनेजर ने आरोप लगाया कि करीब 3 लाख 76 हजार का भुगतान आरोपी द्वारा यह जानते हुए कि उक्त राशि उसकी नहीं इसके बावजूद भी अपने अकाउंट से निकाली जाती रही। करीब 3 महीने प्राप्त होने वाली राशि को निकाल कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


