BSF हेड कॉन्स्टेबल राजेश ढाका का अंतिम संस्कार:पैतृक गांव मानोता जाटान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया, बेटी ने दी मुखाग्नि, किया सेल्यूट

जसरापुर क्षेत्र के मानोता जाटान निवासी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हेड कॉन्स्टेबल राजेश ढाका का उपचार के दौरान निधन हो गया। शनिवार शाम करीब 6 बजे उनके पैतृक गांव मानोता जाटान में पार्थिव देह पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जयपुर से आई बीएसएफ की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जबकि 17 वर्षीय बेटी नंदिनी ने मुखाग्नि दी। बीएसएफ एएसआई रमेश यादव ने बताया कि राजेश ढाका 56 बीएन बीएसएफ में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के महत नगर क्षेत्र में सेवारत थे। ड्यूटी के दौरान उन्हें पेट में दर्द हुआ, जिसके बाद महत नगर बटालियन अस्पताल में जांच में पथरी का पता चला। दवाइयों से राहत मिलने के बाद वे मेडिकल लीव पर घर आए थे। 22 दिसंबर को तबीयत बिगड़ी थी 22 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार सुबह उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद एसएमएस अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया गया। शनिवार शाम पार्थिव देह गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। मां, पत्नी सरिता देवी और बेटी नंदिनी गहरे शोक में डूब गए। बेटी नंदिनी ने कहा, “पापा मेरे बेस्ट पापा थे, मुझे आप पर गर्व है। मैं मम्मी का पूरा ध्यान रखूंगी और आपके सपनों को पूरा करूंगी।” पत्नी और बेटी ने पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए। 4 किलोमीटर लंबी तिरंगा रैली निकाली युवाओं द्वारा लोयल से मानोता जाटान तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी तिरंगा रैली निकाली गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ व ‘राजेश ढाका अमर रहे’ के नारों से गांव गूंज उठा। बीएसएफ 39 बटालियन जयपुर से आई टुकड़ी ने संग्रामराम के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। निधन की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर भी गांव पहुंचे। उन्होंने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कहा कि सरकार परिवार के साथ खड़ी है तथा हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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