CGMSC घोटाला…10 फरवरी तक रिमांड पर डायरेक्टर शशांक:मिलीभगत कर 400 करोड़ की गड़बड़ी, जल्द हो सकती है नई गिरफ्तारियां

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में 400 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी मामले में मंगलवार को ACB-EOW की टीम ने मोक्षित कॉरपोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार 7 दिनों की न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया । सुनवाई के के दौरान EOW ने रिमांड का समय बढ़ाने की मांग की थी। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने 10 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर शशांक को बढ़ा दी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पूछताछ में के दौरान EOW के सामने आए तथ्य सामने आए है। वही इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते है। छापे के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले दरअसल, पिछसे सप्ताह EOW की टीम ने मोक्षित कार्पोरेशन के रायपुर और दुर्ग जिले में छापेमारी की कार्रवाई की थी। इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में करीब 8 टीम ने दबिश थी। टीम ने शशांक के भाई, उनके रिश्तेदारों के घर और दफ्तरों में रेड कर दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही EOW-ACB ने छापे के दौरान सप्लायर मोक्षित कार्पोरेशन के एमडी शशांक गुप्ता के बंगले, फैक्ट्री और पार्टनरों सहित 16 ठिकानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। EOW की टीम MD के रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों के साथ CGMSC के दफ्तर भी जांच करने पहुंची थी। छापे के दौरान बड़ी संख्या में रीएजेंट सप्लाई के संबंध में दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जरूरत न होते हुए भी करोड़ों के रीएजेंट की खरीदी कांग्रेस शासन काल के दौरान की थी। एक ही माह में इतना स्टॉक खरीद लिया गया था कि CGMSC और सभी बड़े अस्पतालों के गोदाम फुल हो गए। उसके बाद रीएजेंट ऐसे हेल्थ सेंटरों में भेज दिया गया, जहां न लैब थी न तकनीशियन थे। EOW ने 5 लोगों के खिलाफ दर्ज की है FIR छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) गड़बड़ी और रीएजेंट घोटाले में EOW ने CGMSC के अधिकारी कर्मचारी के साथ मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इन्डस्ट्रिज , सीबी कार्पोरेशन के खिलाफ FIR दर्ज की है। EOW की FIR में बताया गया है कि CGMSC ने मार्च-अप्रैल 2023 में मशीनों और रीएजेंट की खरीदी की गई थी। 1 महीने के अंदर खरीदी की प्रकिया पूरी की FIR में बताया गया है कि शासन को संज्ञान में लाए बिना लगभग 411 करोड़ की खरीदी की गई। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन ने खरीदी के लिए केवल 26-27 दिन के अंतराल में आदेश जारी किया था।इन रीएजेंट की रख-रखाव की कोई व्यवस्था नहीं थी, फिर भी स्वास्थ्य केन्द्रों में स्टोर करा दिया गया। वहीं CGMSC के अधिकारियों की ओर से रीएजेंट सप्लाई करने वाली कंपनी को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने की शासन की प्रक्रिया का पालन न करते हुए खरीदी की गई। साढ़े 8 रुपए की ट्यूब 2 हजार 352 रुपए में खरीदी EOW ने FIR में बताया कि सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि ब्लड सैंपल कलेक्शन करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली EDTA ट्यूब को जो मार्केट में 8.50 रुपए में उपलब्ध है, उसे मोक्षित कॉरपोरेशन से 2 हजार 352 रुपए प्रति नग के भाव से खरीदा। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन ने मोक्षित कार्पोरेशन और सीबी कार्पोरेशन से मिलीभगत कर जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2023 तक अरबों रुपए की खरीदी की है। इसके अलावा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन ने 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट भी खरीद लिए गए। CGMSC की ओर से मोक्षित कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड से 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट क्रय करके राज्य के 200 से भी ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भेज दिया गया। विशेष ध्यान देने योग्य बात यह है कि उन स्वास्थ्य केन्द्रों में उक्त रीएजेंट को उपयोग करने वाली CBS मशीन ही नहीं थी। रीएजेंट की एक्सपायरी मात्र दो से तीन माह की बची हुई थी और रीएजेंट खराब न हो इसलिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन 600 फ्रिज खरीदने की भी तैयारी में लगी थी। जानिए क्या होता है रीएजेंट रीएजेंट का उपयोग अलग-अलग बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह एक तरह का विशेष केमिकल होता है, जिसे ब्लड के सैंपलों में मिलाकर जांच की जाती है। खून से संबंधित तमाम तरह की जांच में रीएजेंट का उपयोग होता है। …………………………………………………. छत्तीसगढ़ में CGMSC गड़बड़ी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CGMSC में गड़बड़ी…रायपुर-दुर्ग में ACB-EOW का छापा: मोक्षित कॉर्पोरेशन के घर और ऑफिस पहुंचे अधिकारी; सरकारी मेडिकल एजेंसी को दवा सप्लाई करती है कंपनी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) गड़बड़ी मामले में ACB और EOW की टीम ने रायपुर और दुर्ग जिले में छापेमारी की है। इसके अलावा हरियाणा के पंचकुला में करीब 8 टीम ने दबिश दी है। पढ़ें पूरी खबर

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