CJI का शपथ ग्रहण-7 देशों के मुख्य न्यायाधीश आएंगे:सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार; जस्टिस सूर्यकांत 53वें चीफ जस्टिस होंगे

जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में ब्राजील समेत दुनिया के सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी CJI के शपथ ग्रहण में इतनी बड़ी संख्या में दूसरे देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी होगी। समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के चीफ जस्टिस उनके साथ आए परिवार के सदस्य शामिल होंगे। मौजूदा CJI गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को खत्म हो रहा है। अगले CJI जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को रिटायर होंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा। CJI सूर्यकांत के शपथ ग्रहण में पूरा कुनबा शामिल होगा CJI पद के शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन में इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण पत्र बनकर तैयार हो गए हैं। जस्टिस सूर्यकांत का पूरा परिवार हिसार के पेटवाड़ गांव में रहता है। उनके बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत गांव में परिवार के साथ रहते हैं, वहीं एक भाई हिसार शहर में और तीसरा भाई दिल्ली में रहता है। सूर्यकांत के अलावा, उनके तीनों भाइयों – ऋषिकांत, शिवकांत और देवकांत को भी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला है। बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि पूरा परिवार एक दिन पहले दिल्ली रवाना होगा और हरियाणा भवन में ठहरेगा। जस्टिस सूर्यकांत के परिवार में पत्नी और 2 बेटियां सूर्यकांत के बड़े भाई देवकांत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत हैं और वह कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वह इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं। उनकी 2 बेटियां हैं- मुग्धा और कनुप्रिया। दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। जस्टिस सूर्यकांत के यादगार फैसले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत कई कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच का हिस्सा रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे संवैधानिक, मानवाधिकार और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों को कवर करने वाले 1000 से ज्यादा फैसलों में शामिल रहे। उनके बड़े फैसलों में आर्टिकल 370 को निरस्त करने के 2023 के फैसले को बरकरार रखना भी शामिल है। बिहार SIR मामले की सुनवाई भी की जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार में SIR से जुड़े मामले की सुनवाई भी की। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को रेखांकित करने वाले एक आदेश में जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए 65 लाख नामों की डीटेल सार्वजनिक की जाए।

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