CM को सुनाया-मैं नहीं वह कंस,जिसकी बांह तुम उखाड़ दो:न मंच न समारोह; छात्रा ने मंदिर में सुनाई सीएम-मंत्री को वीररस की कविता

‘चाहता हूं तोड़ देना सत्य की सारी दीवारें, चाहता हूं मोड़ देना शांति की सारी गुहारें’ डीग में पूंछरी का लौठा मंदिर में दर्शन गए मुख्यमंत्री को श्रीनाथजी मंदिर में गुरुवार को स्कूली छात्रा ने यह कविता सुनाई तो सीएम ने ताली बजाकर बालिका का हौसला बढ़ाया। बालिका अनायशा अपने माता-पिता के साथ गोवर्धन मंदिर के दर्शन करने गई थी। जब पता चला कि मुख्यमंत्री भी दर्शन करने आए हैं तो श्रीनाथजी मंदिर में उसने मुख्यमंत्री भजनलाल को कविता सुनाने का आग्रह किया। पूंछरी का लौठा मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री साधु-संतों को भोजन कराने श्रीनाथजी मंदिर गए थे। वहीं बालिका अनायशा का आग्रह स्वीकार कर उन्होंने कविता सुनी। जयपुर के MGD गर्ल्स स्कूल की छात्रा अनायशा जयपुर के MGD गर्ल्स स्कूल की छात्रा है। अनायशा ने मुख्यमंत्री को अभिनेता आशुतोष राणा लिखित कविता कलयुग का अंश सुनाया। इससे पहले अनायशा ने आशुतोष राणा को भी उन्हीं की कविता का अंश सुनाया था। जिसे सुनकर अभिनेता ने अनायशा की भाव-भंगिमा और प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए कहा था कि इतना बेहतर ढंग से मैं भी अपनी कविता नहीं सुना पाता। इससे उत्साहित होकर अनायशा यह कविता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सुनाना चाहती थी। नए साल पर अनायशा जयपुर से अपने माता-पिता के साथ गोवर्धन दर्शन करने उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले स्थित गोवर्धन मंदिर गई थी। संयोग से मुख्यमंत्री भी भगवान के दर्शन करने पहुंचे और आस-पास के मंदिरों में दर्शन कर रहे थे। इस बीच अनायशा को मौका मिल गया और उसने सीएम को कविता सुनाई। कविता सुनकर मुख्यमंत्री भजनलाल ने अनायशा की काफी तारीफ की। ताली बजाकर उसका हौसला बढ़ाया। शॉल ओढ़ाकर उसकी प्रतिभा को सम्मानित किया। बुधवार को सीएम ने लगाई थी गोवर्धन परिक्रमा सीएम भजनलाल शर्मा परिवार के साथ बुधवार को गिरिराजजी दर्शन (मथुरा, उत्तरप्रदेश) के लिए आये थे। सीएम ने सपरिवार गोवर्धन परिक्रमा लगाई। बुधवार रात वे गोवर्धन में ही रुके। गुरुवार सुबह जयपुर के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री और गृह राज्यमंत्री जवाहर बेढम श्रीनाथजी के दर्शन करने गए थे। जहां अनायशा अपने माता-पिता के साथ दर्शन करने पहुंची थी। वहीं अनायशा ने सीएम और गृह राज्यमंत्री को वीर रस की कविता सुनाई। जिसे सीएम ने ध्यान से सुना। अनायशा ने सीएम के पैर छुए। सीएम ने उसे आशीर्वाद दिया और अनायशा के माता-पिता से कहा कि बच्चों में ऐसा संस्कार देना बहुत अच्छा काम है।

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