CM ने विजय शर्मा को बताया ‘भगवान परशुराम’:मुख्यमंत्री ने कहा- परशुराम की तरह नक्सलियों का खात्मा कर रहे गृहमंत्री; शर्मा ने सुनाया श्लोक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर में आयोजित परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में दोनों नेता दिखाई दिए। मंच पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी अब कई तरह से चर्चा हो रही है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव की तारीफ में एक श्लोक पढ़ कर उन्हें सराहा। जब बोलने की बड़ी मुख्यमंत्री की आई तो उन्होंने विजय शर्मा को भगवान परशुराम कह डाला। उन्होंने कहा कि जैसे नक्सलवाद के खिलाफ भगवान परशुराम की तरह छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा लड़ रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे अन्य के खिलाफ परशुराम लड़ा करते थे। गृह मंत्री विजय शर्मा ने श्लोक पढ़ा – अहंकार सुरापानं गौरवं रौरवस्तथा। प्रतिष्ठा शूकरी विष्टा त्रीणी त्यक्त्वा सुखी भवेत्। इसका अर्थ है- अभिमान करना यह मदिरापान करने के समान है। गौरव की इच्छा करना यह रौरव नरक में जाने के समान है। प्रतिष्ठा की परवाह नहीं करनी चाहिए, इन तीनों का त्याग करने वाला सुखी होता है। विजय शर्मा बोले इस श्लोक के गुण वाला व्यक्ति अगर कोई है तो वह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इसी तरह से जनता की चिंता करते हुए काम कर रही है। CGPSC घोटाले का जिक्र करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियां पढ़ाई करते थे और पैसे वालों के बेटे बेटियां सेलेक्ट हो जाते थे। मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंप गड़बड़ी करने वाले जेल में है और एक बड़ी खेप फिर से जेल में जाएगी। CM ने विजय शर्मा को परशुराम बताया मंच पर जब संबोधन की बारी मुख्यमंत्री की आई तो उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद नासूर बन चुका है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है समृद्ध प्रदेश है मगर नक्सलवाद की वजह से समस्या है। उन्होंने कहा इस नक्सलवाद के खिलाफ भगवान परशुराम की तरह छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा लड़ रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे अन्य के खिलाफ परशुराम लड़ा करते थे। CM ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में शांति स्थापित होगी प्रदेश स्वर्ग बनेगा और नक्सलवाद समाप्त होगा। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के डंगनिया में आयोजित किया गया। भगवान श्रीपरशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में समाज के सभी पदाधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भांचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राह्मण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना। हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपए प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवसर पर महंत वेदप्रकाशाचार्य, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, रायपुर महापौर मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, सुमन अशोक पांडेय, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ब्राम्हण समाज अध्यक्ष शिवांजल शिव गोविंद शर्मा मौजूद रहे।

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