भोपाल में 24वीं अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता 17 से 21 फरवरी तक मध्यप्रदेश पुलिस की मेजबानी में आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में बड़े तालाब के बोट क्लब पर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। सीएम यादव ने कहा- पुलिस अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के कार्य के साथ-साथ खेलों में भी अपनी छाप छोड़ रही है। पुलिस बल के अनेक सदस्यों ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित करते हुए देश का नाम रोशन किया है। जब पुलिस बल एक बार जब ज्वाइन करते हैं तब से रिटायरमेंट तक “जवान” ही कहलाते हैं। देश में मप्र की अलग पहचान, यहां घड़ियाल भी सबसे ज्यादा सीएम ने कहा कि, वन्यजीवों के लिए मध्यप्रदेश की देश में एक अलग पहचान है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बाघ हमारे देश में पाए जाते हैं और देश के अंदर मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा, अब हमारे यहां चीते भी आ गए हैं और घड़ियालों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। भोपाल का तालाब जवानों के साहस से जीवंत हो उठा सीएम ने कहा कि पंच महा भूतों में जल का विशेष महत्व है। चूंकि जीवन की उत्पत्ति जल से होती है, इसलिए जल हमेशा से ही जीवों को लालायित करता हैं। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल के ऐतिहासिक बड़े तालाब में अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन, प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के लिए गौरव का विषय है। सीएम बोले, हमारी संस्कृति में ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा है, जिसे मैं हृदय से अनुभव करता हूं। भोपाल का तालाब आज एक अलग प्रकार के आनंद का अनुभव कर रहा होगा। यह तालाब एक हजार साल से भी अधिक पुराना है, लेकिन आज यह हमारे जवानों के साहस और पराक्रम से जीवंत हो उठा है। उनके खेल के प्रति समर्पण ने इस स्थल को नई ऊर्जा दी है। प्रदेश में समुद्र नहीं है लेकिन भोपाल का बड़ा तालाब समुद्र से कम नहीं। जीवन में खेल व्यक्ति को न केवल स्वस्थ रखता है, बल्कि वह उसकी लंबी आयु और संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में भी सहायक होता है। इसके साथ ही खेल में भाग लेने से सभी प्रकार के गुणों का विकास होता है, जो एक सफल और समर्पित व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक होते हैं। 69 खिलाड़ियों में हुए हीट्स और रेपेचेज के मुकाबले
रोइंग 2000 मीटर में पुरुष वर्ग के 41 और महिला वर्ग के 28 खिलाड़ियों सहित कुल 69 खिलाड़ियों के मध्य हीट्स एवं रेपेचेज के रोमांचक मुकाबले संपन्न किए गए हैं। सपर्धाओं में मध्य प्रदेश, असम, मणिपुर, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, तमिलनाडू, तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल, सीआरपीएफ, एसएसबी, बीएसएफ, असम राइफल्स, आईटीबीपी एवं चंडीगढ की 20 टीमें सम्मिलित हुई हैं। रोइंग 2000 मीटर की हीट्स और रेपेचेज में ये स्पर्धाएं हुई रोइंग का सेमी और फाइनल कल
रोइंग 2000 मीटर के सेमीफाइनल एवं फाइनल मुकाबले 18-02-2025 को संपन्न कराए जाएंगे। साथ ही कयाकिंग एवं केनाइंग इवेंट्स की हीट्स प्रारंभ की जाएंगी। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय लेवल के खिलाड़ी ले रहे हिस्सा 5 दिवसीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के नामी-गिरामी खिलाड़ी राजधानी की बड़े तालाब में अपने जौहर दिखाएंगे। अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश पुलिस को सौंपी गई है। इस प्रतियोगिता में खासतौर पर कयाकिंग, केनोइंग व रोईंग स्पर्धाएं होंगी। जिसमें केंद्रीय बलों सहित 22 राज्यों की पुलिस एवं अर्द्ध सैनिक बलों की टीमों के 557 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 123 महिला खिलाड़ी भी शामिल है। प्रतियोगिता में शामिल कयाकिंग, केनोइंग व रोइंग की अलग-अलग 27 स्पर्धाओं में दांव पर लगे 360 पदक और विजेता व उपविजेता की आधा दर्जन ट्राफियों पर कब्जा जमाने के लिए खिलाड़ी अपना दम-खम दिखाएंगे। देश भर से हिस्सा लेने आई टीमें इस बार की अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी व एसएसबी इत्यादि केन्द्रीय बलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर,महाराष्ट्र, आसाम राइफल व आसाम पुलिस, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, उड़ीसा,मणिपुर व केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह की पुलिस एवं अर्द्ध सैनिक बलों की टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। MP की मेजबानी में 6वीं बार प्रतियोगिता मध्यप्रदेश पुलिस की मेजबानी में छठवीं बार अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है। इससे पहले साल 2005, 2007, 2013, 2017 और 2019 में सफलतापूर्वक मध्यप्रदेश पुलिस यह प्रतियोगिता आयोजित कर चुकी है।


