CM मान ने बुलाई अधिकारियों और मंत्रियों की मीटिंग:बाढ़ से निपटने की बनेगी स्ट्रैटजी, हरियाणा ने भी मदद के लिए लिखा पत्र

पंजाब के सात जिलों में बनी बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान एक्शन मोड में आ गए हैं। आज सीएम ने चंडीगढ़ में मंत्रियों और अधिकारियों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में बाढ़ के हालातों का फीडबैक लिया जाएगा और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस मीटिंग को काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले सीएम ने मंत्रियों की एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी, जो प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर लौटी है। वहीं, हरियाणा सीएम नायब सैनी ने मदद पंजाब सीएम भगवंत मान को पत्र लिखा गया । गुरदासपुर और ब्यास का दौरा किया सीएम भगवंत मान भी बाढ़ को लेकर गंभीर हैं। वह लगातार दो दिन से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। पहले उन्होंने गुरदासपुर और पठानकोट का जायजा लिया था और अपना हेलिकॉप्टर भी सरकारी कामों के लिए उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद वह ब्यास और अजनाला एरिया भी गए और हालातों का निरीक्षण किया। सभी आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री बाढ़ राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। सीएम का कहना है कि सरकार लोगों के साथ खड़ी है और किसी को भी कोई मुश्किल नहीं आने दी जाएगी।
पांच से सात फुट भरा है पानी पंजाब के सात जिले पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला, फाजिल्का और फिरोजपुर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लोगों के घरों में पांच से सात फुट तक पानी भरा हुआ है। पशुओं का चारा खत्म हो गया है। लोग राहत कैंपों या घरों की छतों पर बैठकर समय बिता रहे हैं। लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन अभी तक नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी उतरने के बाद ही सही अध्ययन हो सकेगा। इस समय सरकार का फोकस लोगों को सुरक्षित बचाने पर है। एक महीने की सैलरी दी पंजाब सरकार के 117 विधायक, मंत्री और सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वहीं, सरकार ने रात को फैसला लिया कि सभी मंत्री और विधायक एक महीने की सैलरी बाढ़ राहत कार्यों के लिए देंगे। इसके अलावा समाजसेवी संस्थाएं भी इस काम में जुटी हुई हैं। उम्मीद है कि इससे लोगों को राहत मिलेगी। हरियाणा भी मदद के लिए आगे आया पड़ोसी राज्य हरियाणा ने भी पंजाब के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब के सीएम को पत्र लिखकर कहा है कि किसी भी तरह की मदद की ज़रूरत हो तो वे सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि, 2023 में जब बाढ़ आई थी तब आरोप लगाया गया था कि गर्मियों में पानी के लिए हरियाणा और राजस्थान पंजाब आते हैं, लेकिन बरसात के पानी में डूबने के लिए अकेला पंजाब रह जाता है।

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