मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार का मार्च में पेश होने वाला बजट 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक का होगा। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं रखेगी। उद्योगपतियों की यह जिम्मेदारी है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने वाले देश विदेश के उद्योगपतियों की मेेहमान नवाजी का पूरा ध्यान रखें। सीएम हाउस के समत्व भवन में उद्योगपतियों को प्रोत्साहन राशि वितरण करने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य के शासन काल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शासन काल में प्रजा के सारे कर्ज खत्म कराए। भर्तृहरि गुफा के पास उज्जैन में ऋण मुक्तेश्वर महादेव हैं जो उनके दौर के महादेव हैं। विक्रमादित्य में यही खासियत थी कि वे इतना धन रखते थे कि न सिर्फ लोगों का कर्ज खत्म किया बल्कि उसके बाद की जिम्मेदारी भी संभाली। अफसरों और योग्यता की कमी नहीं परखने वालों की कमी है मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अफसरों की और योग्यता की कमी नहीं है बल्कि व्यक्ति को परखने की कमी है। उन्होंने अजीत डाभोल का उदाहरण करते हुए कहा कि डाभोल तो रिटायरमेंट के बाद घर बैठे थे और उन्हें सुरक्षा सलाहकार बनाकर उनकी योग्यता का लाभ लेने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। सुयोग्य लोगों का संयोजन करने का काम पीएम मोदी कर रहे हैं। 4 लाख करोड़ रुपए का होगा एमपी का बजट सीएम यादव ने कहा कि एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में अलग-अलग राज्यों के बजट की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि एमपी सरकार का पिछली बार का बजट साढे़ तीन लाख करोड़ का रहा है जबकि साढ़े तीन लाख करोड़ इस साल खर्च हुए हैं। इस साल का बजट चार लाख करोड़ से अधिक का होगा। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों का बजट आ चुका है उनमें राजस्थान का सवा तीन लाख करोड़, हरियाणा का पौने दो लाख करोड़, उड़ीसा का बजट 1.90 लाख करोड़ रुपए का और यूपी का बजट 8 लाख दस हजार करोड़ का है। यह भी बोले सीएम मोहन यादव नए उद्योगों को मौका देने के साथ पुराने उद्योगों की मदद करना है-मंत्री काश्यप
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि एमपी के उद्योगपतियों ने यहां उद्योग का वातावरण बनाने का काम किया है। निर्यात भाड़ा देने का काम एमपी की नई पॉलिसी में किया गया है। 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी। एमएसएमई की नीति 23 साल के अनुभव के आधार पर तैयार की गई है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए उद्योगों को मौका देने के साथ पुराने उद्योगों की मदद करने की पॉलिसी पर सरकार काम कर रही है। प्रदेश में एक साल में अच्छा इको सिस्टम बना
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में एक साल में अच्छा इको सिस्टम बना है। भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट होने से यहां की प्रगति बढ़ेगी। यहां आए उद्योगपतियों की जिम्मेदारी है कि वे समिट में आने वालों की मेहमान नवाजी करें। किसी तरह की कमी न होने दें और खुलकर उद्योगपतियों का वेलकम करें। उद्योगपतियों ने यह कहा…


