लखनऊ के CMO कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की धनराशि को पास करने के लिए घूस मांगने के आरोपी बाबू के खिलाफ अब ANM संघ भी कूद पड़ा है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम समेत तमाम अफसरों को शिकायती पत्र भेजा गया था। डिप्टी सीएम की ओर से CMO कार्यालय को जांच के आदेश दिए गए हैं। ये था पूरा मामला मातृ एवं शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ उप्र. की प्रांतीय अध्यक्ष रूपधारा के मुताबिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला और पुरुष की संशोधित नियमावली के तहत कार्यकर्ता से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (महिला) के पद पर 10 साल पर पदोन्नति की व्यवस्था है। CMO लखनऊ कार्यालय की ओर से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पदोन्नति या प्रशिक्षण 17 साल से नहीं किया गया है, जबकि ज्यादातर जनपदों में पदोन्नति करा ली गई है। मांगने के बाद भी नही भेजी सूची परिवार कल्याण महानिदेशक की ओर से प्रदेश के सभी CMO को 10 साल से अधिक की सीनियरटी लिस्ट के आधार पर प्रशिक्षण की सूची मांगी गई है, लेकिन लखनऊ CMO कार्यालय से 6 माह से सूची को विवादित बताकर डीजी को सूचना नहीं दी गई है। मामले की जांच कराई जाएगी CMO की ओर से 19 अक्टूबर 2024 को एक कमेटी गठित भी हुई, लेकिन आज तक वरिष्ठता की सूची को ठीक नहीं किया जा सका है। संघ की ओर से मिले शिकायती पत्र पर डिप्टी सीएम की ओर से सीएमओ को जांच के आदेश दिए गए हैं। पत्र सीएमओ कार्यालय भी पहुंच चुका है। CMO डॉ.एनबी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। अब कही कोई लापरवाही नही बरती जाएगी।


